अयोध्या। रामनगरी अयोध्या इन दिनों भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंगी नजर आ रही है। श्री अवध बिहारी कुंज के पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. गणेशदासजी महाराज के मार्गदर्शन में द्वितीय साकेतोत्सव के अवसर पर नौ दिवसीय श्री सियापिय मिलन महोत्सव एवं श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।
श्रीराम कथा के दौरान महामंडलेश्वर हरिकृष्णदास ग्वालिया बाबा के सानिध्य में भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और मर्यादा पर विस्तार से प्रकाश डाला जा रहा है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्य, धर्म, निष्ठा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जा रहा है। कथा वाचक महामंडलेश्वर डॉ. गणेशदासजी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल कथा सुनने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, मर्यादा और निष्ठा के प्रति समर्पण का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने सांसारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सत्य और धर्म को जीवन का आधार बनाना चाहिए। माता-पिता की आज्ञा का पालन, भाईचारे की भावना, गौ-ब्राह्मण और विद्यार्थियों की रक्षा तथा धर्म की स्थापना भगवान श्रीराम के जीवन के प्रमुख आदर्शों में शामिल हैं। रामनगरी में चल रहे इस धार्मिक आयोजन से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु श्रीराम कथा के साथ भजन-कीर्तन में भी शामिल हो रहे हैं और आध्यात्मिक वातावरण में भाव-विभोर नजर आ रहे हैं।





















