श्रावस्ती। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिलेभर में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान रैली, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता, कहानी-कथन और निबंध लेखन सहित कई गतिविधियों के माध्यम से लोगों को शिक्षा और साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। भिनगा स्थित एएनएम सेंटर में इस अवसर पर कार्यशाला और गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साक्षरता अभियान को आगे बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएसए आकांक्षा रावत ने कहा कि साक्षरता का मतलब केवल पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के साथ उसे उपलब्ध अवसरों को समझने और आत्मनिर्भर बनने की क्षमता भी देती है।
18 हजार लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य
जिले में वर्ष 2026 के दौरान 18 हजार असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 18,670 लोगों का उल्लास पोर्टल पर पंजीकरण किया जा चुका है। पंजीकृत लोगों को वालंटियर्स की मदद से कक्षा आधारित शिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। अभियान के तहत अधिक से अधिक असाक्षरों का पंजीकरण कराने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने वाले शिक्षकों व शिक्षा मित्रों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।
सेवानिवृत्त शिक्षक उदयराज मिश्र भी सम्मानित
साक्षरता अभियान में सहयोग के लिए सेवानिवृत्त शिक्षक एवं राज्य पुरस्कार से सम्मानित उदयराज मिश्र को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने निःशुल्क साक्षरता अभियान में सहयोग देकर लोगों को शिक्षा से जोड़ने में योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान जिले में साक्षरता अभियान को और गति देने तथा अधिक से अधिक लोगों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने ‘कोई भी व्यक्ति असाक्षर न रहे’ का संकल्प लेते हुए अभियान को लगातार आगे बढ़ाने की बात कही। श्रावस्ती में चल रहे इस अभियान के जरिए असाक्षर लोगों को पढ़ाई से जोड़ने के साथ उन्हें अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और उपलब्ध सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।





















