अयोध्या। रामनगरी में चर्चित कथावाचक देवेंद्र पाठक का पारिवारिक विवाद बुधवार को सार्वजनिक हो गया। प्रतापगढ़ निवासी जया पाठक ने अयोध्या में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए। जया का कहना है कि वर्ष 2014 में उनकी शादी देवेंद्र पाठक से हुई थी और दोनों का एक बेटा भी है। उनका आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद तक सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे रिश्तों में खटास बढ़ती गई। जया ने कहा कि उनका बेटा इस समय देवेंद्र पाठक के पास है और वह अपने बच्चे को अपने साथ रखना चाहती हैं।
जया पाठक ने आरोप लगाया कि देवेंद्र पाठक अब दूसरी महिला के साथ रह रहे हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के साथ अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र दिया है। जया की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और उनके बेटे को उनके सुपुर्द किया जाए। उनका कहना है कि वह लंबे समय से अपने बेटे को लेकर परेशान हैं और चाहती हैं कि इस मामले में उन्हें न्याय मिले।
पत्नी के आरोपों पर देवेंद्र पाठक ने इन्हें सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। देवेंद्र पाठक के मुताबिक, उनके और जया पाठक के बीच पारिवारिक विवाद वर्ष 2016 से ही अदालत में चल रहा है। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में तीन अलग-अलग पारिवारिक वाद विचाराधीन हैं। उनका कहना है कि जब मामला अदालत में है तो अब फैसला भी न्यायालय से ही होना चाहिए और सभी को उसके निर्णय का इंतजार करना चाहिए।
बेटे को लेकर देवेंद्र पाठक ने कहा कि बच्चा फिलहाल उनके पास है और उसकी अच्छी तरह देखभाल की जा रही है। उनका दावा है कि बेटा अच्छे स्कूल में पढ़ रहा है और उसकी पढ़ाई से लेकर दूसरी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जया पाठक को कई लाख रुपये दिए गए हैं, जिसका रिकॉर्ड उनके पास है। देवेंद्र पाठक ने पूरे मामले को उन्हें बदनाम करने की साजिश बताया और कहा कि वह न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे। फिलहाल दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और मामला अदालत में लंबित है।





















