Akhilesh Yadav On Akash Anand: बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने अंदाज में जवाब दिया। मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश ने आकाश आनंद को लेकर चल रही चर्चाओं पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें लेकर आया जाएगा तो समाजवादी पार्टी उन्हें ले लेगी। अखिलेश यादव ने कहा कि आकाश आनंद को लेकर फैसला समाजवादी पार्टी का आंतरिक विषय है। दूसरे दलों को इस मामले में ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “तुम आकाश आनंद को लेकर आओगे तो ले लेंगे। इनकी इच्छा है लेकर आएं, हम ले लेंगे।”
‘अंकल’ वाले सवाल पर भी दिया जवाब
बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने ‘अंकल’ शब्द को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को ‘अंकल’ कहने का मतलब केवल एक खास रिश्ते से नहीं होता। इस संबोधन का इस्तेमाल चाचा, ताऊ, मौसा या फूफा जैसे रिश्तों के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि चर्चा में केवल एक ही रिश्ते को लेकर सवाल क्यों किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने संतों की भाषा को लेकर भी तंज कसा। अखिलेश ने कहा कि अगर किसी संत की भाषा देखनी हो तो एएनआई देख सकते हैं।
मायावती ने आकाश आनंद को BSP से किया बाहर
आकाश आनंद का नाम इन दिनों इसलिए चर्चा में है क्योंकि बीएसपी प्रमुख मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर करने का ऐलान किया है। मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने आकाश आनंद पर पार्टी और बहुजन आंदोलन की प्राथमिकताओं की जगह निजी रिश्तों और परिवार को महत्व देने का आरोप लगाया। मायावती ने आकाश की राजनीतिक कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और उन पर स्पष्ट रुख के साथ काम नहीं करने का आरोप लगाया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास
आकाश आनंद के मामले में उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का नाम भी सामने आया। मायावती ने पहले उन्हें राजनीति छोड़ने की सलाह दी थी। इसके बाद गुरुवार सुबह अशोक सिद्धार्थ ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। हालांकि, मायावती ने उनके इस फैसले को देर से उठाया गया कदम बताया। बीएसपी में हुए इन घटनाक्रमों ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
ईशान आनंद को संगठन में मिली जिम्मेदारी
इसी बीच मायावती ने आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें उत्तर भारत का चीफ सेक्टर कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। ईशान ने मायावती की सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट भी किया। आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने और ईशान आनंद को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद बीएसपी के भीतर नेतृत्व को लेकर नई राजनीतिक अटकलें शुरू हो गई हैं। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में हुए इस बदलाव को काफी अहम माना जा रहा है।





















