जिला अस्पताल में फायर मॉकड्रिल कर सुरक्षा के दिए टिप्स
अग्निशमन विभाग ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मरीजों और तीमारदारों को आग से बचाव व रेस्क्यू के व्यावहारिक तरीके सिखाए
मथुरा। देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में हुई आग की घटनाओं के मद्देनज़र मथुरा प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में अग्निशमन विभाग ने जिला अस्पताल में विशेष फायर मॉकड्रिल आयोजित कर अस्पताल कर्मियों, मरीजों और उनके परिजनों को आग से बचाव और आपातकालीन स्थिति से सुरक्षित निकलने के तरीके बताए।
मॉकड्रिल का उद्देश्य अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में आग लगने की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) सुनिश्चित करना तथा जनहानि को रोकने के लिए सभी को प्रशिक्षित करना था।
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने पर घबराने के बजाय सबसे पहले अलार्म बजाएं और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दें। धुएं से बचने के लिए गीले कपड़े से नाक और मुंह ढककर नीचे झुकते हुए बाहर निकलें। आपात स्थिति में लिफ्ट का उपयोग न करें और केवल सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें।
मॉकड्रिल के दौरान अस्पताल परिसर में लगे फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास द्वारों का लाइव प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन उपकरणों का सही तरीके से उपयोग कैसे किया जाए।
इस अभ्यास में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, मरीजों और उनके तीमारदारों को आग से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई। वहीं फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का भी प्रदर्शन किया।
अस्पताल के सीएमएस और प्रशासन ने बताया कि अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी उपकरणों की नियमित जांच की जा रही है और उन्हें पूरी तरह दुरुस्त रखा गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे मॉकड्रिल आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी ढंग से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।





















