Ram Mandir Trust CEO: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नई जिम्मेदारी संभालने के बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री भी आज अयोध्या दौरे पर हैं और रामलला के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम है। ऐसे में दोनों की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। जितेंद्र मिश्रा सुबह ट्रेन के जरिए अयोध्या पहुंचे। राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के तौर पर उनकी नियुक्ति का ऐलान 2 सितंबर को किया गया था। वह ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अयोध्या में यह उनकी शुरुआती अहम गतिविधियों में से एक है।
43 साल तक वायुसेना में दी सेवा
जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना में करीब 43 वर्षों तक सेवाएं दीं और 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए। वह एयर मार्शल के पद से रिटायर हुए हैं। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख भी रह चुके हैं। कारगिल युद्ध के दौरान उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े अभियानों में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली थी। सैन्य सेवाओं के दौरान उनके योगदान के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
मंदिर ट्रस्ट में बदलाव के बाद नई जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दान में कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद ट्रस्ट के शीर्ष स्तर पर बदलाव किए गए। इसी क्रम में एक पेशेवर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति का फैसला लिया गया था। जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को इसी नई प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। सीईओ के तौर पर उनके सामने मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
तीन नए सदस्य भी ट्रस्ट में शामिल
सीईओ की नियुक्ति के साथ ही ट्रस्ट के बोर्ड में तीन नए ट्रस्टियों को भी जगह दी गई। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। ट्रस्ट में इन नियुक्तियों के बाद प्रबंधन स्तर पर बदलाव का नया दौर शुरू हुआ है।
नियुक्ति के बाद जितेंद्र मिश्रा ने जताई थी खुशी
सीईओ बनाए जाने के बाद जितेंद्र मिश्रा ने अपनी नियुक्ति को भगवान राम का आशीर्वाद बताया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक देश की सेवा करने के बाद अब उन्हें श्रीराम मंदिर और रामभक्तों की सेवा का अवसर मिला है, जिसे वह अपना सौभाग्य मानते हैं। उनकी नियुक्ति पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि मंदिर से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी साधु-संतों की परंपरा के अनुरूप होनी चाहिए। अब अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ जितेंद्र मिश्रा की होने वाली मुलाकात पर सबकी नजरें हैं। मुख्यमंत्री के रामलला के दर्शन के साथ ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।





















