उन्नाव। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिले में गंगा से सटी चार तहसीलों के 140 किलोमीटर तराई वाले क्षेत्र में बाढ़ के खतरे से प्रशासन अलर्ट है। शुक्लागंज में शुक्रवार को नौ घंटे में गंगा के जलस्तर में 33 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डीएम, एसएसपी, एडीएम और संबंधित तहसीलों के एसडीएम ने गंगा से सटे क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ की तैयारियों को जल्द से जल्द से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के साथ फतेहपुर चौरासी ब्लॉक के शिवराजपुर दबौली मार्ग पर गंगा की मुख्य धारा से हुए सड़क कटान और बाढ़ के संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता को हरिद्वार, बिजनौर और टिहरी बांध से छोड़े जाने वाले पानी की जानकारी रखने के निर्देश दिए। कहा कि गंगा में जलस्तर की प्रतिदिन की रिपोर्ट प्रस्तुत करें और हर 24 घंटे में जलस्तर पर निगरानी रखी जाए।
शुक्लागंज में लगे केंद्रीय जल आयोग के मीटर गेज के अनुसार जिले में गंगा नदी जलस्तर का चेतावनी बिंदु 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर पर है। शुक्रवार सुबह आठ बजे 108.120 मीटर पर रहा जलस्तर शाम पांच बजे 33 सेंटीमीटर ऊपर चढ़कर 108.450 पर पहुंच गया। जलस्तर में बढ़ोतरी से प्रशासन अलर्ट है।
आश्रय स्थल तय करने के दिए निर्देश
डीएम ने एसडीएम सफीपुर व बांगरमऊ को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए आश्रय स्थल तय करने निर्देश दिए। सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी व्यक्ति सड़क पर न सोए और महिलाओं के लिए अलग रहने की व्यवस्था हो। पशुओं के लिए भूसा और चारा की व्यवस्था रखी जाए। अगर बाढ़ रहात शिविरों में रखने की स्थिति बनती है तो प्रभावित लोगों के लिए प्रतिदिन भोजन और पानी की व्यवस्था की तैयारी रखी जाए। लेखपाल और पंचायत सचिवों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों की सूची तैयार कराने के भी निर्देश दिए हैं। मेडिकल टीमों के पास एंटी वेनम, डायरिया, बुखार, खांसी, जुकाम सहित अन्य महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश डीएम ने दिए हैं।
आज से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग का वैकल्पिक बंद
फतेहपुर चौरासी। डीएम ने शुक्रवार को गंगा की संभावित बाढ़ से ग्रामीणों को बचाने के लिए सभी विभागों को दिशा निर्देश देते हुए सतर्क रहने को कहा। उन्होंने कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग के कटान का भी निरीक्षण किया।
डीएम ने संभावित बाढ़ से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं, वृद्ध, बच्चों को चिह्नित करने के साथ बाढ़ शिविर व गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए। एसडीएम बांगरमऊ बृजमोहन शुक्ला ने बताया कि डीएम के निर्देश पर गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिकोण से कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर बने वैकल्पिक मार्ग को शनिवार से बंद कर दिया जाएगा। विधायक श्रीकांत कटियार, एसपी जयप्रकाश सिंह, बीएसए शैलेश पांडेय, एसडीएम सफीपुर शिवेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
लालाखेड़ा व दूलीखेड़ा का एसडीएम ने किया दौरा
बीघापुर। गंगा में बाढ़ की संभावना को दोखते हुए एसडीएम रनवीर सिंह ने शुक्रवार को तहसील क्षेत्र की गंगा व पांडु नदी के बीच बसे लालाखेड़ा और दूलीखेड़ा गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कोटेदारों व प्रधानों को अलट रहने के निर्देश दिए। लेखपाल व सचिव को मवेशियों के लिए स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए। लाला खेड़ा प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को नजदीकी विद्यालय में शिफ्ट करने को कहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं व नवजातों की देखरेख में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।








