विनोद कुमार सिंह अंशु
बाराबंकी । नवागत उपजिलाधिकारी विजेंद्र उपाध्याय ने कार्यभार ग्रहण करने के दूसरे ही दिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए। शुक्रवार को एसडीएम विजेंद्र उपाध्याय ने नायब तहसीलदार सुधाकर पांडे के साथ सरयू नदी से प्रभावित होने वाले संभावित बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोयलावर, टिकरी, गुनौली, जलालपुर तराई, बसंतपुर, अतरसुइया, उमरहरा, सिकरी जीवल, पत्रा, सेमरी, पड़रावा, कमियार, बांसगांव, असवा, पनसारा, मंगरौंडा, बेलखरा, रानीमऊ, मैला लिलार समेत 26 गांवों की बाढ़ संबंधी तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
गुनौली गांव में एसडीएम ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद एसडीएम ने खजूरी और रानीमऊ स्थित बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध नाव, राहत सामग्री, संचार व्यवस्था तथा अन्य संसाधनों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी, राहत केंद्रों की तैयारियां पूरी रखने और ग्रामीणों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।






















