लापरवाही और साजिश बर्दाश्त नहीं, अफवाह फैलाने वालों पर होगी जेल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और अन्य प्रमुख पर्वों को लेकर शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, सफाई, यातायात और खाद्य सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही अफवाह फैलाने, शांति भंग करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट करने और ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कांवड़ यात्रा पूरे प्रदेश का व्यापक आयोजन बन चुकी है। ऐसे में मेरठ जोन के सफल कांवड़ प्रबंधन मॉडल को प्रदेश के सभी पुलिस जोनों में लागू किया जाएगा। कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा कांवड़ संघों और शिविर संचालकों का समय रहते सत्यापन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यात्रा मार्गों को गड्ढा मुक्त बनाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविरों में आवश्यक दवाएं, एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध रखने को कहा गया। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी तथा खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों पर संचालक का नाम प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। डीजे भी निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही बजाए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से 24 घंटे निगरानी रखने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी खबरों और अफवाहों का तत्काल खंडन कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों और प्रमुख घाटों पर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्व और चकबंदी विवादों का समयबद्ध निस्तारण, राशन कोटेदारों के उत्पीड़न और बिजली उपभोक्ताओं की ओवर-बिलिंग की शिकायतों के समाधान के भी निर्देश दिए। भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर खुली विजिलेंस जांच कराने और कड़ी विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य बिंदु:
कांवड़ यात्रा में लापरवाही और साजिश पर सख्त कार्रवाई।
पूरे प्रदेश में लागू होगा मेरठ का कांवड़ प्रबंधन मॉडल।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई और जेल।
यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और सफाई के विशेष इंतजाम।
खाद्य पदार्थों में मिलावट, ओवररेटिंग और भ्रष्टाचार पर भी सख्त निर्देश।







