, चौकीदारों की भी भारी कमी
कंदवा (चंदौली)। विकास खंड बरहनी की साधन सहकारी समितियां लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रही हैं। हालत यह है कि करीब एक दर्जन समितियों का संचालन केवल तीन सचिवों के सहारे किया जा रहा है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे है, क्योंकि अधिकांश समितियों पर चौकीदार तैनात नहीं हैं।
बरहनी विकास खंड में घोसवां, जेवरियाबाद, चिरईगांव, असना, डिग्घी, छतेम, कम्हरियां, बरहनी सहित सैयदराजा संघ को मिलाकर कुल 13 समितियों के माध्यम से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन सचिवों की भारी कमी के कारण एक-एक सचिव को तीन से चार समितियों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि बरहनी की कई समितियों का संचालन अन्य विकास खंडों में तैनात सचिवों के भरोसे किया जा रहा है। इससे न केवल बरहनी बल्कि संबंधित विकास खंडों के किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सचिवों की कमी के कारण उर्वरक वितरण के साथ-साथ वसूली का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
चार समितियों पर ही चौकीदार तैनात
समितियों की सुरक्षा व्यवस्था भी चिंताजनक बनी हुई है। एक दर्जन से अधिक समितियों के मुकाबले केवल जेवरियाबाद, चिरईगांव, सिधना और सैयदराजा संघ पर ही चौकीदार तैनात हैं। बाकी समितियों में लाखों रुपये मूल्य का उर्वरक बिना पर्याप्त सुरक्षा के रखा हुआ है, जिससे चोरी की आशंका बनी रहती है।
डी-पैक्स योजना पर भी उठे सवाल
सरकार ने साधन सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय (डी-पैक्स) के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है, जिसके तहत एक ही छत के नीचे करीब दो दर्जन सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। लेकिन कर्मचारियों की भारी कमी के कारण बरहनी में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
एडीओ कोऑपरेटिव राजेश सिंह ने बताया कि समितियों की तुलना में सचिवों की संख्या कम है। इसके बावजूद किसानों को उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।







