इंटरलॉकिंग सड़क भी धंसी; ग्रामीणों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
उन्नाव। विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी की ग्राम पंचायत मरौंदा मझवारा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) की ओर से करीब ₹40 लाख की लागत से बनाए गए नाले और इंटरलॉकिंग सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। निर्माण के महज एक माह बाद ही बारिश में नाले का हिस्सा बह गया, जबकि कई स्थानों पर इंटरलॉकिंग सड़क धंस गई। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, बाजार से दयाराम बगिया तक जून माह में इंटरलॉकिंग सड़क और नाले का निर्माण कराया गया था। निर्माण के दौरान ही बाजार के पास का कुछ हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया था। लगातार बारिश के कारण इंटरलॉकिंग के नीचे की मिट्टी कट गई, जिससे सड़क कई जगह धंस गई। वहीं नाले का एक हिस्सा भी बारिश के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण नया निर्माण पहली ही बारिश में जवाब दे गया। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों से की है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) की अवर अभियंता राखी द्विवेदी ने बताया कि ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया है। निर्माण कार्य की जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित कार्य का भुगतान किया जाएगा। यदि निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







