अयोध्या। श्रावण शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर श्रीधाम अयोध्या में आज से झूलन उत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। मणि पर्वत से शुरू होने वाला यह धार्मिक उत्सव पूर्णिमा तक यानी 28 अगस्त तक चलेगा। झूलन उत्सव को लेकर अयोध्या में श्रद्धालुओं और संत समाज के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। संत समाज ने देशभर के श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों को उत्सव की शुभकामनाएं दी हैं।
झूलन उत्सव के पहले दिन श्रीरामलला सरकार चारों भाइयों के साथ कुबेर टीला तक पालकी यात्रा और शोभायात्रा में शामिल होंगे। कुबेर टीला परिसर में पहुंचने के बाद भगवान पुनः राम मंदिर लौटेंगे और गर्भगृह के सामने प्रथम तल पर स्थापित झूले पर विराजमान होंगे। इसके बाद 28 अगस्त तक प्रतिदिन संध्याकालीन झूलन उत्सव का आयोजन किया जाएगा। संत समाज ने श्रद्धालुओं से इस उत्सव में शामिल होकर भगवान के दर्शन और झूलन उत्सव का आनंद लेने की अपील की है।
आज से राम मंदिर में पुजारियों का ड्रेस कोड भी लागू
झूलन उत्सव के साथ ही रामलला की सेवा में रहने वाले पुजारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड भी आज से लागू होगा। पुजारियों के पहनावे को लेकर धर्म समिति की बैठक में पहले ही निर्णय लिया जा चुका है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अर्चक भगवान की सेवा के दौरान पीत रंग के रेशमी वस्त्र धारण करेंगे। इसमें ऊपर उत्तरिया और नीचे धोती शामिल होगी। उम्मीद है कि आज से सभी पुजारी इसी निर्धारित वेशभूषा में रामलला की सेवा करते नजर आएंगे।
झूलन उत्सव और नए ड्रेस कोड को लेकर अयोध्या के धार्मिक माहौल में एक अलग ही उत्साह दिखाई दे रहा है। संत समाज का कहना है कि भगवान के उत्सव से श्रद्धालुओं को जुड़ने का अवसर मिलेगा और अयोध्या की धार्मिक परंपराओं की भव्यता भी देखने को मिलेगी। राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य राजकुमार दास ने भी इस संबंध में जानकारी साझा की है।






















