लखनऊ। बच्चों को यौन अपराधों से बचाने और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए लखनऊ के विभिन्न स्कूलों में पॉक्सो जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बच्चों को असुरक्षित स्पर्श के बारे में किया जागरूक
अभियान के दौरान बच्चों को आसान भाषा में गुड टच और बैड टच के बारे में समझाया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि यदि किसी व्यक्ति का व्यवहार उन्हें असहज या असुरक्षित महसूस कराता है तो वे उसका विरोध कर सकते हैं और तुरंत किसी भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
बच्चों को पॉक्सो कानून के तहत मिलने वाली सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों की भी जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में बच्चों को यह समझाया जा रहा है कि किसी भी तरह की परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय समय पर मदद लेना जरूरी है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि संकट या किसी तरह की समस्या की स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन की मदद ली जा सकती है।
इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी बच्चों को जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक करना है।
विभिन्न स्कूलों में आयोजित हुए कार्यक्रम
गुरुवार को भी लखनऊ के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा और डॉ. नीलिमा सिंह की मौजूदगी रही। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पॉक्सो कानून, बाल सुरक्षा और अपने कानूनी अधिकारों से जुड़ी जानकारी हासिल की। आयोजकों ने बच्चों से किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति में बिना डर के भरोसेमंद व्यक्ति से मदद लेने की अपील की।




















