बाराबंकी। फील्ड में तैनात लेखपालों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO) की कथित गलत और अनुचित ट्रैप कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने विरोध का ऐलान किया है। संघ ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई का वह समर्थन करता है, लेकिन किसी निर्दोष कर्मचारी को नियमविरुद्ध या अनुचित तरीके से फंसाया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लेखपाल ग्रामीण क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों के बीच राजस्व कार्यों के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ गलत या सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई होती है तो उसका असर केवल उसकी नौकरी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन पर भी पड़ता है। इसी को लेकर संगठन ने कर्मचारियों के लिए भयमुक्त माहौल की मांग उठाई है।
अयोध्या के सोहावल प्रकरण का भी उठाया मुद्दा
लेखपाल संघ ने अपने पत्र में अयोध्या की तहसील सोहावल में लेखपाल उत्कर्ष दीप से जुड़े प्रकरण का भी उल्लेख किया है। संघ का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्डिंग देखने पर प्रथम दृष्टया रिश्वत की मांग किए जाने का कोई स्पष्ट तथ्य सामने नहीं आता। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ कार्रवाई समाप्त किए जाने की मांग की है। साथ ही जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
22 अगस्त को थाना समाधान दिवस का बहिष्कार
प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर लेखपाल संघ ने 22 अगस्त 2026 को प्रदेश की सभी तहसीलों में थाना समाधान दिवस के बहिष्कार का निर्णय लिया है। इस दौरान लेखपाल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तहसील परिसर में धरना देकर ACO की कथित अनुचित और दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताएंगे। संघ ने जिलाधिकारी से मामले में आवश्यक पहल करते हुए लेखपाल संवर्ग के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है।





















