राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी (RGIPT) में 21 से 23 अगस्त 2026 तक द अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियर्स (AIChE) स्टूडेंट रीजनल कॉन्फ्रेंस (SRC)-इंडिया ‘Viplav SRC 2026’ का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कॉन्फ्रेंस में बी.वी. राजू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तेलंगाना, बीएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बेंगलुरु, वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सरदार वल्लभभाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सूरत, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी, पुणे, एनआईटी राउरकेला, इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी-इंडियन ऑयल ओडिशा कैंपस, भुवनेश्वर, बिट्स पिलानी और आरजीआईपीटी जायस समेत कई संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान टेक्निकल पेपर एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन, केम-ई-कार, क्विज और K-12 इवेंट्स आयोजित किए गए। K-12 प्रतियोगिता में KG-G2 वर्ग में NIT राउरकेला, G3-G5 वर्ग में BV Raju Institute of Technology, G6-G8 वर्ग में VIT और G9-G12 वर्ग में BITS पिलानी ने जीत हासिल की। टेक्निकल पेपर प्रेजेंटेशन में VIT के प्रियांश बिष्ट विजेता रहे।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
कॉन्फ्रेंस का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह 23 अगस्त को स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह में अमेठी के पुलिस अधीक्षक श्री सरवनन टी., आईपीएस और RGIPT के निदेशक प्रो. हरीश हिरानी मौजूद रहे। अतिथियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री सरवनन टी. ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आसान लक्ष्यों को हासिल करना अपेक्षाकृत सरल होता है, लेकिन कठिन लक्ष्यों के लिए कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार करने और जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
इनोवेशन और सतत ऊर्जा पर दिया जोर
RGIPT के निदेशक प्रो. हरीश हिरानी ने कहा कि ज्ञान का वास्तविक महत्व निरंतर सीखने और उसे इनोवेशन के माध्यम से व्यवहार में लागू करने में है। उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, विचार और नवाचार प्रस्तुत करने के साथ-साथ दूसरे संस्थानों के विद्यार्थियों से सीखने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने ग्रीन एनर्जी, डीकार्बोनाइजेशन और हाइड्रोजन एनर्जी के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सतत भविष्य के निर्माण के लिए इन क्षेत्रों में आपसी सामंजस्य जरूरी है। साथ ही विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और नवाचार को व्यावहारिक समाधानों में बदलने के लिए प्रेरित किया।
कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉ. विवेक, विभागाध्यक्ष डॉ. वी.एस. सिस्टला और छात्र प्रमुख शुभेंद्र रहे। आयोजन में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। तीन दिवसीय ‘Viplav SRC 2026’ ने देशभर के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों को रिसर्च, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आपसी ज्ञान-विनिमय के लिए एक साझा मंच प्रदान किया।





















