बिजनौर थाना क्षेत्र के चंद्रावल गांव निवासी अरुण कुमार रावत ने गांव के ही रिजवान और तौफीक उर्फ मोनू पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित के मुताबिक, ग्राम समाज की जमीन पर बनी बाउंड्रीवाल की पैमाइश देखने के बाद उसके साथ मारपीट की गई। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हो रही थी जमीन की पैमाइश
अरुण कुमार रावत के अनुसार, 22 अगस्त की शाम करीब पांच बजे चंद्रावल-बिजनौर रोड स्थित तौफीक उर्फ मोनू की दुकान के सामने गाटा संख्या 990 की पैमाइश हो रही थी। इस दौरान मौके पर एसडीएम सरोजनीनगर, लेखपाल और कानूनगो भी मौजूद थे। पीड़ित का कहना है कि वह मौके पर रुककर पैमाइश की कार्रवाई देख रहा था। अधिकारियों के वहां से चले जाने के बाद वह अपनी मोटरसाइकिल से घर जाने लगा।
बाइक से खींचकर मारपीट करने का आरोप
अरुण का आरोप है कि वह बाइक से घर के लिए निकला ही था कि रिजवान पुत्र इब्बन सिद्दीकी ने उसे पीछे से पकड़कर मोटरसाइकिल से खींच लिया। इसके बाद रिजवान और तौफीक उर्फ मोनू ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उसकी पिटाई की। पीड़ित के मुताबिक, मारपीट के दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना में उसके सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं।
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट, जांच शुरू
पीड़ित अरुण कुमार रावत ने मामले की शिकायत पुलिस से की। उसकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपों की सत्यता की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





















