Lucknow Buffalo Auction: राजधानी लखनऊ में नगर निगम की ओर से अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई भैंसों की नीलामी सोमवार को विवादों में घिर गई। नीलामी शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही सपा यूथ ब्रिगेड और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और प्रक्रिया को लेकर विरोध जताने लगे। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया। जानकारी के मुताबिक नगर निगम ने सोमवार सुबह करीब 11 बजे जब्त की गई भैंसों की नीलामी शुरू की थी। दोपहर लगभग एक बजे प्रदर्शनकारियों ने नीलामी स्थल पर पहुंचकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसी दौरान सीतापुर से आए एक युवक के साथ मारपीट किए जाने की भी बात सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और दोनों पक्षों को अलग किया।
प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि नीलामी में राजधानी से बाहर के कई लोग पहुंचे हैं। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि बोली लगाने वालों में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका संबंध पशुओं के वध से है। इसी बात को लेकर कार्यकर्ताओं ने नीलामी प्रक्रिया पर आपत्ति जताई और इसे रोकने की मांग की।
सपा विधायक ने समर्थकों के साथ दिया धरना
हंगामे की सूचना मिलने के बाद लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक अरमान खान भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और उन्हें बसों में बैठाकर ईको गार्डन भेज दिया। विधायक अरमान खान ने अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव को पत्र सौंपकर नीलामी पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग भी रखी।
12 लाख से ज्यादा में बिकीं 40 भैंसें
विरोध के बीच ठाकुरगंज कांजी हाउस में रखी 40 भैंसों की नीलामी भी हुई। लखनऊ निवासी कारोबारी मोहम्मद शाकिर ने 12 लाख 1 हजार रुपये की सर्वाधिक बोली लगाकर इन भैंसों को अपने नाम किया। नगर निगम की ओर से प्रत्येक भैंस के लिए शुरुआती बोली 21 हजार रुपये तय की गई थी। नीलामी में हिस्सा लेने वाले इच्छुक लोगों से पहले 1 लाख 2 हजार रुपये की धनराशि जमा कराई गई थी।
अवैध डेयरियों के खिलाफ चला था अभियान
दरअसल, पारा इलाके में लंबे समय से अवैध डेयरियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के बाद नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने 16 अगस्त को कार्रवाई शुरू की थी। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों के विरोध के बीच एक दरोगा पर हमला किए जाने की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद 17 और 18 अगस्त को दोबारा अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध डेयरियों से 241 भैंस, एक भैंसा और एक पड़िया पकड़े गए थे। सभी पशुओं को अलग-अलग कांजी हाउस में रखा गया था।
अब नीलामी को लेकर राजनीतिक विरोध शुरू होने से मामला और गरमा गया है। एक तरफ नगर निगम जब्त पशुओं की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, वहीं विपक्षी दल इस पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।





















