बाराबंकी: पुलिस, राजस्व और विद्युत विभाग से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजयपाल गौतम के नेतृत्व में सोमवार को गन्ना कार्यालय में प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना तहसीलदार भूपेंद्र सिंह के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। धरना शुरू होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपा और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की।
कई विभागों से जुड़ी समस्याएं ज्ञापन में शामिल
विजयपाल गौतम ने बताया कि ज्ञापन में जर्जर विद्युत लाइनों और खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने, जमीन से जुड़े विवादों का निस्तारण कराने तथा पुलिस और राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा खाद की कथित कालाबाजारी समेत अन्य जनसमस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के संबंध में पहले भी अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण कांग्रेस को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
तहसीलदार ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा
धरना शुरू होने से पहले तहसीलदार भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत की। उन्होंने संबंधित मांगों पर 15 दिन के भीतर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद विजयपाल गौतम ने प्रशासन को समय देने का निर्णय लेते हुए प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की।
जमीन विवाद और विद्युत व्यवस्था का मुद्दा
ज्ञापन में शांति देवी पत्नी विजयपाल गौतम से जुड़े मुकदमे की दोबारा उच्च अधिकारी से विवेचना कराने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत लाइनों की मरम्मत कराने तथा विभिन्न स्थानों पर खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को बदलने की मांग की गई है। ठाकुरपुरवा निवासी सुशील कुमार गौतम पुत्र बाबूलाल गौतम के जमीन विवाद के मामले में भी कार्रवाई की मांग उठाई गई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस प्रकरण में सांसद तनुज पुनिया की ओर से सीओ सदर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
खाद की कथित कालाबाजारी की जांच की मांग
कांग्रेस की ओर से डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम दर्ज भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति देने की मांग भी रखी गई है। इसके साथ ही यूरिया और डीएपी खाद की कथित कालाबाजारी की जांच तथा लाइसेंस जारी करने में कथित रिश्वतखोरी की जांच कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में इन मुद्दों के अलावा क्षेत्र की अन्य जनसमस्याओं के समाधान की मांग भी की गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो फिर शुरू होगा आंदोलन
विजयपाल गौतम ने कहा कि प्रशासन ने 15 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है, इसलिए फिलहाल धरना समाप्त किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आश्वासन के अनुरूप सभी समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।





















