अयोध्या: राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर संत समाज ने एक बार फिर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। इस मामले में संतों ने पूरे प्रकरण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग उठाने की तैयारी की है। अभियान के संयोजन की जिम्मेदारी कंप्यूटर बाबा के पास बताई जा रही है। महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर संत समाज गंभीर है। उन्होंने कहा कि अयोध्या के संतों का आह्वान किया गया है और जल्द ही संतों की एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की CBI जांच की मांग की जाएगी।
संत समाज भगवान श्रीराम से मांगेगा क्षमा
स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने कहा कि संत समाज राम मंदिर जाकर भगवान श्रीराम से क्षमा याचना करेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि संत समाज यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मामले में जो भी लोग दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने कहा कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जांच का दायरा उन लोगों तक भी पहुंचना चाहिए, जिनकी भूमिका कथित तौर पर सामने आती है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई हो।
CBI जांच की मांग को लेकर सौंपेंगे ज्ञापन
संत समाज की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की जाएगी। संतों का कहना है कि राम मंदिर में देशभर से श्रद्धालु आस्था के साथ दान और चढ़ावा देते हैं। ऐसे में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता या चोरी के मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
जांच नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने चेतावनी दी कि यदि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो संत समाज अपने आंदोलन को और व्यापक करेगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा और संत समाज आगे की रणनीति बैठक में तय करेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े धन की कथित चोरी का कोई भी सनातनी समर्थन नहीं कर सकता। संत समाज इस मुद्दे पर एकजुट है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाता रहेगा।




















