Shravasti District Hospital: बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों का असर बढ़ने के साथ ही श्रावस्ती जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। वायरल बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी-खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल के वार्डों और इमरजेंसी में भीड़ बढ़ गई है। हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि कई मरीजों को बेड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं और उन्हें जमीन पर लेटकर इलाज कराना पड़ रहा है।
70 वर्षीय बुजुर्ग को नहीं मिला बेड, जमीन पर हुआ उपचार
सिरसिया क्षेत्र के कोयलहवा निवासी 70 वर्षीय राम शुद्धि इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें जमीन पर ही लिटाकर उपचार कराना पड़ा। इस घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मरीजों और उनके तीमारदारों का कहना है कि बढ़ती भीड़ के अनुपात में अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं।
इमरजेंसी में खराब पंखा, उमस और गर्मी से मरीज परेशान
अस्पताल की इमरजेंसी में पंखा खराब होने की शिकायत भी सामने आई है। बरसात के बीच बढ़ी उमस और गर्मी में मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इलाज के लिए पहले से परेशान मरीजों को बुनियादी सुविधाओं की कमी ने और मुश्किल में डाल दिया है। लोगों का कहना है कि इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर पंखे और अन्य जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त रखा जाना चाहिए।
वायरल फीवर और उल्टी-दस्त के मरीजों से बढ़ा अस्पताल पर दबाव
इन दिनों अस्पताल में वायरल बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी-खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान मरीजों की संख्या में वृद्धि सामान्य रूप से देखी जाती है, लेकिन इस बार बढ़ती भीड़ के चलते व्यवस्थाओं को संभालना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
12 वर्षीय बच्ची का हीमोग्लोबिन 5 ग्राम, रक्त चढ़ाने की सलाह
अस्पताल पहुंची 12 वर्षीय किरन देवी की जांच में हीमोग्लोबिन का स्तर करीब 5 ग्राम पाया गया। डॉक्टरों ने बच्ची को रक्त चढ़ाने की सलाह दी। बच्ची की मदद के लिए अयोध्या धाम से आए एक बाबा ने रक्तदान करने की इच्छा जताई। हालांकि, जांच के दौरान उनका हीमोग्लोबिन स्तर कम पाए जाने के कारण वे रक्तदान नहीं कर सके।
जांच के लिए 150 रुपये लेने का आरोप, उठे सवाल
मौके पर मौजूद बाबा ने हीमोग्लोबिन जांच के लिए 150 रुपये लिए जाने का आरोप लगाया है। इसको लेकर मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी भी देखने को मिली। हालांकि, आरोपों को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। लोगों का कहना है कि मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। मरीजों की लगातार बढ़ती भीड़ के बीच श्रावस्ती जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। बेड की कमी, इमरजेंसी में खराब पंखे और जांच शुल्क को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चर्चा तेज कर दी है। अब जरूरत है कि अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए।
Report: मनीष श्रीवास्तव





















