बाराबंकी। जब हुनर के साथ सही अवसर और थोड़ी आर्थिक मदद मिल जाए तो सपनों को हकीकत में बदलने की राह आसान हो जाती है। बाराबंकी के आर्यन कुमार और प्रखर शुक्ला इसकी मिसाल हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत दोनों युवाओं को पांच-पांच लाख रुपये का ऋण मिला, जिसका इस्तेमाल कर उन्होंने अपनी रुचि और हुनर को कारोबार में बदल दिया। आज दोनों सिर्फ खुद के लिए रोजगार नहीं कमा रहे, बल्कि दूसरे युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रहे हैं।
ग्राम दरावपुर निवासी आर्यन कुमार ने अपने पिता राजेंद्र कुमार से मिले मधुमक्खी पालन के अनुभव को नए तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया। योजना से मिले पांच लाख रुपये के ऋण के बाद उन्होंने मधुमक्खी पालन को आधुनिक कारोबार का रूप देते हुए शहद से जुड़े मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने शुरू किए। उनके उद्यम में हनी विनेगर, हनी जिंग, ड्राई फ्रूट्स विद हनी और गार्लिक विद हनी जैसे उत्पाद तैयार हो रहे हैं। आर्यन की कोशिश स्थानीय शहद को बेहतर प्रसंस्करण और आकर्षक पैकेजिंग के जरिए बड़े बाजार तक पहुंचाने की है। साथ ही वह स्थानीय मधुमक्खी पालकों को बाजार उपलब्ध कराने और रोजगार बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
वहीं, बाराबंकी के प्रखर शुक्ला ने डिजिटल क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। बचपन से कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग में रुचि रखने वाले प्रखर के सामने आर्थिक संसाधनों की कमी बड़ी चुनौती थी। विभागीय कैंप के जरिए उन्हें सीएम युवा योजना की जानकारी मिली और पांच लाख रुपये का ऋण मिलने के बाद उन्होंने तीन कंप्यूटर के साथ तीन लोगों की टीम से काम शुरू किया। बेहतर गुणवत्ता और सेवाओं के दम पर कारोबार आगे बढ़ता गया और आज उनकी कंपनी में 40 से अधिक लोग काम कर रहे हैं। उनकी टीम देश-विदेश के 50 से ज्यादा क्लाइंट्स के लिए कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग का काम कर रही है।
आर्यन और प्रखर की कहानियां अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी हैं, लेकिन दोनों की मंजिल एक ही है—अपने पैरों पर खड़ा होना और दूसरों को भी रोजगार देना। एक ने पारंपरिक मधुमक्खी पालन में नए उत्पाद जोड़कर कारोबार बढ़ाया तो दूसरे ने अपनी डिजिटल प्रतिभा को कंपनी का रूप दिया। सीएम युवा योजना इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जिसमें युवाओं को आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। दोनों युवाओं की सफलता यह बताती है कि सही अवसर मिलने पर स्थानीय स्तर का हुनर भी बड़े कारोबार और रोजगार का आधार बन सकता है।






















