श्रावस्ती। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत श्रावस्ती में लूट के एक पुराने मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए न्यायालय उठने तक के कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशभर में ऑपरेशन कनविक्शन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की निगरानी अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र स्तर से की जा रही है।
अभियान के तहत श्रावस्ती के पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी महत्वपूर्ण और चिन्हित मुकदमों की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। वहीं, अभियुक्तों को जल्द सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह, संबंधित थाना प्रभारियों और कोर्ट पैरोकारों को दिए गए हैं। इसी क्रम में मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 8 सितंबर 2026 को श्रावस्ती न्यायालय में लूट के पुराने मामले का फैसला आया।
1988 के लूट मामले में आया फैसला
मामला थाना गिलौला में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 46/1988, धारा 392 भारतीय दंड संहिता से संबंधित है। इस मामले में अशोक कुमार पुत्र रामसमुझ, निवासी चेतियामुरार, थाना गिलौला, जनपद श्रावस्ती को अदालत ने दोषी पाया। अभियोजन के अनुसार, अभियुक्त ने रास्ते में वादी के बैग से जमीन के बैनामे के लिए रखे 8,000 रुपये लूट लिए थे। मामले की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट (JM) श्रावस्ती दिलीप कुमार साहनी की अदालत ने अभियुक्त को दोषसिद्ध करार दिया। अदालत ने अशोक कुमार को न्यायालय उठने तक के कारावास के साथ 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस ने बताया कि प्रभावी पैरवी और मॉनिटरिंग के चलते पुराने मामले में दोषी को सजा दिलाई जा सकी।





















