लखनऊ के निगोहां इलाके में मोबाइल की बकाया किस्त को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि रिकवरी एजेंट युवक को घर से अपने साथ ले गए और कई दिनों तक उसे बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और कथित तौर पर ब्लड बैंक ले जाकर उसका खून भी निकलवाया गया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि युवक की रिहाई के बदले पैसे मांगे गए और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करीब 21 हजार रुपये का मोबाइल लिया था
मामला निगोहां थाना क्षेत्र के राजाराम खेड़ा पुरहिया गांव का बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक युवक नेवल ने सितंबर 2025 में एक मोबाइल दुकान से करीब 21 हजार रुपये का फोन किस्तों पर लिया था। उसकी एक मासिक किस्त करीब 2,799 रुपये थी, जो समय पर जमा नहीं हो सकी। परिजनों का आरोप है कि इसी रकम की वसूली के लिए शुभम सिंह नाम का रिकवरी एजेंट एक अन्य व्यक्ति के साथ युवक के घर पहुंचा। इसके बाद दोनों उसे अपने साथ ले गए। परिवार का कहना है कि युवक को कई दिनों तक वापस नहीं आने दिया गया।
ब्लड बैंक ले जाने का भी आरोप
परिवार की ओर से लगाया गया सबसे गंभीर आरोप यह है कि युवक को एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया। परिजनों का दावा है कि इसके बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया और उससे काम भी कराया गया। हालांकि, खून निकालकर बेचने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इस दावे की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
किस्त के बाद फिर मांगे गए हजारों रुपये
पीड़ित के भाई राजकुमार के मुताबिक आरोपियों ने परिवार से संपर्क कर पहले 2,799 रुपये की किस्त जमा करने को कहा। परिवार ने डर के चलते बताए गए UPI खाते में रकम भेज दी। आरोप है कि इसके बाद भी मांग खत्म नहीं हुई और उनसे करीब 12,500 रुपये और मांगे गए। परिवार का दावा है कि रकम देने से इनकार करने पर युवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
पांच दिन बाद घर लौटा युवक
परिजनों के मुताबिक पुलिस से संपर्क किए जाने के बाद युवक को वापस भेजा गया। वह जब घर पहुंचा तो उसकी हालत ठीक नहीं थी। परिवार का आरोप है कि थाने में शिकायत के बावजूद शुरुआत में मामला दर्ज करने में टालमटोल की गई। इसके बाद परिवार ने डीसीपी दक्षिणी से मुलाकात कर पूरी घटना बताई। अधिकारियों के निर्देश पर निगोहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की हैं। साथ ही थाने के स्तर पर कथित लापरवाही की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
पुलिस अब युवक के बयान, परिवार की शिकायत, मोबाइल और पैसों के लेनदेन समेत दूसरे साक्ष्यों की जांच कर रही है। खास तौर पर युवक को कथित तौर पर ब्लड बैंक ले जाने और खून निकलवाने के आरोप की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इस मामले ने मोबाइल की बकाया EMI की वसूली के नाम पर अपनाए जाने वाले तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से ही यह स्पष्ट होगा कि परिवार की ओर से लगाए गए सभी आरोपों में कितनी सच्चाई है।





















