सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगाए आरोप
बालाघाट। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा ब्लॉक स्थित जगला गांव पहुंचे। उन्होंने बैगा आदिवासी समुदाय के उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके बच्चों की हाल के महीनों में बीमारी के बाद मौत हुई है। राहुल गांधी करीब एक घंटे तक गांव में रहे और प्रभावित परिवारों से उनकी समस्याओं और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बातचीत की।
रिपोर्टों के मुताबिक, बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र के आदिवासी गांवों में जून-जुलाई से अब तक 30 से अधिक बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। हालांकि, मृतकों की संख्या को लेकर सरकारी आंकड़ों और विपक्ष के दावों में अंतर है। एक रिपोर्ट में सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर बीमारी से संबंधित 32 मौतों का उल्लेख है, जबकि कांग्रेस की ओर से इससे अधिक संख्या का दावा किया गया है।
परिवारों से मिले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने जगला गांव में मृत बच्चों के परिजनों के साथ बैठकर उनकी स्थिति जानी। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं, बच्चों के इलाज और प्रभावित परिवारों को मिल रही सरकारी मदद से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
राहुल गांधी ने सरकार पर आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बीमारी से निपटने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। ये राहुल गांधी और कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं; सरकार की ओर से इस मामले में अलग-अलग जवाब और बचाव सामने आए हैं।
मौतों की वजह को लेकर अलग-अलग दावे
बालाघाट में बच्चों की मौत के कारणों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह एक बीमारी तक सीमित नहीं है। उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्टों में मीजल्स, मलेरिया, कुपोषण, एनीमिया, डिहाइड्रेशन, श्वसन संबंधी समस्याओं और अन्य संक्रमणों का उल्लेख किया गया है। अधिकारियों की ओर से अब तक सभी मौतों के लिए किसी एक बीमारी या एकमात्र कारण की पुष्टि नहीं की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, जांच, उपचार और टीकाकरण अभियान चलाए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी राज्य सरकार से संबंधित दस्तावेज और जानकारी मांग चुका है।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। कांग्रेस सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और आदिवासी क्षेत्रों में सुविधाओं पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के दौरे और कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। दोनों पक्षों के दावों के बीच मौतों की वास्तविक संख्या और प्रत्येक मामले में चिकित्सकीय कारणों का स्पष्ट निर्धारण महत्वपूर्ण बना हुआ है।





















