Flydubai Flight FZ1073: कल्पना कीजिए कि आप हजारों फीट की ऊंचाई पर विमान में सफर कर रहे हों और अचानक विमान तेजी से नीचे गिरने लगे। यात्रियों को कुछ समझ नहीं आ रहा हो और कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच जिंदगी और मौत की लड़ाई चल रही हो। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कुछ ऐसा ही हुआ। दुबई से तेल अवीव जा रही इस फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित तौर पर उनके को-पायलट ने हमला कर दिया। इसके बाद विमान अचानक हजारों फीट नीचे जाने लगा। लेकिन कैप्टन की सूझबूझ, यात्रियों की हिम्मत और विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों की मदद से 174 लोगों की जान बच गई।
आखिर विमान में हुआ क्या था?
फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। तभी कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच अचानक हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया और इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि विमान ने बेहद कम समय में करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई खो दी। दूसरी रिपोर्टों में कुल गिरावट करीब 17 हजार फीट बताई गई है। यात्रियों ने विमान के अचानक नीचे जाने को बेहद डरावना अनुभव बताया।
37 सेकंड में क्या हुआ?
घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे जा रहा था। इसी दौरान घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने ऐसी स्थिति में भी कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। यही कदम आगे की पूरी घटना में बेहद अहम साबित हुआ। दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्री कॉकपिट तक पहुंचे और हमलावर को काबू करने की कोशिश की। इस दौरान कुछ यात्रियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट में जाकर स्थिति संभालने में मदद की।
यात्रियों ने भी दिखाई हिम्मत
इस घटना में सिर्फ पायलट ही नहीं, बल्कि कई यात्रियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। रिपोर्टों के अनुसार, यानिव हयून नाम के एक यात्री समेत कुछ लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर को-पायलट को काबू करने में मदद की। एक डॉक्टर यात्री ने घायल कैप्टन की हालत संभालने और उनका खून रोकने की कोशिश की। इस दौरान विमान में मौजूद लोगों ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
विमान में मौजूद थे दो अतिरिक्त पायलट
इस पूरे घटनाक्रम में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई। विमान में दो अतिरिक्त फ्लाईदुबई पायलट भी मौजूद थे। स्थिति बिगड़ने के बाद उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर विमान को नियंत्रित करने में मदद की।
इन पायलटों ने विमान को संभालने के बाद उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा। आखिरकार विमान सुरक्षित रूप से वहां लैंड कर गया।
टेल का हिस्सा भी हुआ क्षतिग्रस्त
विमान के अचानक तेज गति से नीचे जाने के दौरान उस पर काफी ज्यादा एयरोडायनामिक दबाव पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के टेल यानी पिछले हिस्से के रडर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा और उसका बड़ा हिस्सा टूट गया। इसके बावजूद विमान हवा में बना रहा और सुरक्षित लैंडिंग करने में कामयाब हुआ। एविएशन विशेषज्ञों ने भी इतनी तेज गिरावट के बाद विमान के सुरक्षित बचने को असाधारण घटना बताया है।
सऊदी अरब में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
विमान को आखिरकार सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। लैंडिंग के बाद दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की हालत स्थिर बताई गई है और उनका इलाज सऊदी अरब में चल रहा है। भारतीय अधिकारियों ने उनके परिवार के संपर्क में होने की जानकारी भी दी है।
कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की हो रही चर्चा
इस घटना के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका की काफी चर्चा हो रही है। घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलना और यात्रियों को अंदर आने का मौका देना इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। भारत और इजरायल के नेताओं ने भी कैप्टन की बहादुरी की सराहना की है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई ने भी जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है।
अगर पूरे घटनाक्रम को आसान भाषा में समझें तो कई घटनाएं एक के बाद एक हुईं। पहले घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। फिर विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सुरक्षित एयरपोर्ट तक पहुंचाया।
यानी हजारों फीट की ऊंचाई पर शुरू हुआ यह खौफनाक घटनाक्रम आखिरकार 174 लोगों की सुरक्षित लैंडिंग के साथ खत्म हुआ। घटना की जांच जारी है और हमले की पूरी वजह सामने आने में अभी समय लग सकता है।





















