संतकबीरनगर की धनघटा सीट से टिकट की तैयारी, पार्टी कार्यक्रमों में भी सक्रिय
गोरखपुर/संतकबीरनगर। गोरखपुर में डायल-112 में तैनात रहे यूपी पुलिस के सिपाही श्याम सुंदर चौहान के लंबे समय तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और समाजवादी पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय होने का मामला सामने आया है। वह संतकबीरनगर की धनघटा विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस विभाग के मुताबिक वह फिलहाल निलंबित हैं और लगातार गैरहाजिर चल रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, श्याम सुंदर चौहान करीब एक साल तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहे। करीब तीन महीने पहले अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बाद उन्हें निलंबित किया गया। इसके बाद भी उनके पुलिस लाइन में उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई है। उनकी गैरहाजिरी के दौरान ड्यूटी रिकॉर्ड में हाजिरी कैसे दर्ज होती रही, इस संबंध में विभागीय स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। गोरखपुर के एसपी क्राइम अयोध्या सिंह के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि चौहान काफी समय से निलंबित हैं और हाजिरी भी नहीं लगा रहे हैं।
श्याम सुंदर चौहान संतकबीरनगर के महुली थाना क्षेत्र के नैना झाला गांव के रहने वाले बताए गए हैं। वह यूपी पुलिस के 1994 बैच के सिपाही हैं। वर्ष 2023 में कुशीनगर से तबादले के बाद उनकी तैनाती गोरखपुर में डायल-112 में हुई थी। इसी दौरान धनघटा विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की बात सामने आई। सोशल मीडिया पर उनकी क्षेत्र से जुड़ी शुरुआती पोस्ट भी वर्ष 2023 की बताई गई हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, चौहान समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं और धनघटा विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के पक्ष में संपर्क और प्रचार करते दिखाई दिए हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर सपा नेताओं और कार्यक्रमों से जुड़े पोस्ट भी सामने आए हैं। कुछ पोस्टरों में उनके नाम के साथ ‘सिपाही’ लिखा हुआ है।
करीब एक महीने पहले धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लोहरेया में सपा के बूथ अध्यक्षों, जोन प्रभारियों और सेक्टर प्रभारियों की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें श्याम सुंदर चौहान ने मंच से संबोधन किया। उन्होंने अपना परिचय ‘श्याम सुंदर चौहान सिपाही’ के रूप में दिया और पार्टी संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने की बात कही।
इसी कार्यक्रम में चौहान ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए लोगों से समाजवादी पार्टी के साथ आने और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की अपील भी की थी। उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति से बताते हुए आरक्षण और संविधान से जुड़े मुद्दे भी उठाए थे। ये उनके व्यक्तिगत राजनीतिक वक्तव्य हैं।
चौहान ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि वह शुरू से समाजवादी पार्टी की नीतियों से प्रभावित रहे हैं। उनके अनुसार, पुलिस विभाग में रहते हुए वह लोगों को वह न्याय नहीं दिला पा रहे थे जो वह चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने चुनाव लड़ने के बारे में सोचा। उन्होंने यह भी कहा कि वह करीब तीन साल से अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं।
धनघटा विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की आरक्षित विधानसभा सीटों में शामिल है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए विभिन्न दलों और संभावित दावेदारों की गतिविधियां क्षेत्र में बढ़ी हैं। चौहान भी पार्टी नेतृत्व से टिकट मिलने की स्थिति में चुनाव मैदान में उतरने की इच्छा जता चुके हैं।
फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से उनके लंबे समय तक गैरहाजिर रहने और निलंबन से संबंधित कार्रवाई जारी है। उनकी गैरहाजिरी के दौरान हाजिरी दर्ज होने के सवाल पर विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। वहीं, चुनावी दावेदारी को लेकर अंतिम फैसला समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को करना है।





















