लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन; सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
एटा/जलेसर। आषाढ़ माह के आखिरी शनिवार को जलेसर में आयोजित शनिदेव जात में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लाखों श्रद्धालुओं ने बड़ेमियां दरगाह, छोटे मियां दरगाह और प्राचीन शनिदेव मंदिर में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की तथा सरसों का तेल अर्पित कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते नगर के मुख्य मार्ग, बाजार और गलियां दिनभर खचाखच भरी रहीं।
शनिवार तड़के से ही एटा सहित आसपास के जनपदों और अन्य राज्यों से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। नगर के निधौली चौराहा, इसौली चौराहा, आगरा चौराहा समेत प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कमान
एसडीएम पीयूष रावत, सीओ ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह तथा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अखिलेश दीक्षित दिनभर दरगाहों, शनिदेव मंदिर और मेला क्षेत्र का लगातार निरीक्षण करते रहे। तहसीलदार संदीप सिंह, नायब तहसीलदार वाजिद हुसैन और मनीष चौधरी भी व्यवस्थाओं की निगरानी में जुटे रहे।
‘ॐ शनैश्चराय नमः’ के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
बड़ेमियां दरगाह पर श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर मन्नतें मांगीं, वहीं शनिदेव मंदिर में भगवान शनिदेव का सरसों के तेल, लड्डू और बूंदी से विशेष पूजन किया गया। पूरे दिन ‘ॐ शनैश्चराय नमः’, ‘जय शनिदेव’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा।
300 से अधिक पुलिसकर्मियों की रही तैनाती
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिले के विभिन्न थानों से करीब 300 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा पीएसी, फायर ब्रिगेड, महिला पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहीं। पुलिस ने पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी की।
पालिका ने किए विशेष इंतजाम
नगर पालिका परिषद ने पहले से अतिक्रमण हटवाकर सफाई, प्रकाश और पेयजल की विशेष व्यवस्था की। मेला मार्ग पर पांच बड़ी और आठ छोटी पेयजल टंकियां लगाई गईं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोबाइल टॉयलेट भी उपलब्ध कराए गए। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भी जगह-जगह निःशुल्क पेयजल शिविर लगाए।
मोबाइल चोरी की छिटपुट घटनाएं
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मोबाइल चोरी और छीना-झपटी की कुछ छिटपुट घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते मेला शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।







