अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में वास्तु विज्ञान पर आयोजित तीन दिवसीय पिनेकल वास्तु स्टूडेंट्स समिट ‘ASPIRE-2026’ का रविवार को समापन हो गया। 21 से 23 अगस्त तक आयोजित इस समिट में देश-विदेश से आए सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वास्तु शास्त्र के विभिन्न पहलुओं, आधुनिक जीवन में इसकी उपयोगिता और वास्तु दोषों से बचाव के उपायों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
वास्तु के मूल सिद्धांतों और दिशाओं की दी जानकारी
समिट के दौरान वास्तु विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों ने भवन निर्माण में दिशाओं के महत्व, वास्तु के मूल सिद्धांतों और घर एवं कार्यस्थल में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने से जुड़े विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि भवन निर्माण और उसके डिजाइन में दिशाओं तथा वास्तु के अन्य सिद्धांतों को समझना महत्वपूर्ण है। प्रतिभागियों को वास्तु से जुड़े विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।
आचार्य विकुल बंसल ने बताए वास्तु दोषों से बचाव के उपाय
कार्यक्रम में आचार्य विकुल बंसल ने वास्तु दोषों से बचने के उपायों पर जानकारी साझा की। उन्होंने वास्तु के विभिन्न नियमों और उनके व्यावहारिक उपयोग को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने भवन में वास्तु संबंधी असंतुलन से उत्पन्न होने वाली समस्याओं और उनके संभावित समाधान के बारे में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी। इस दौरान प्रतिभागियों ने वास्तु विज्ञान से जुड़े विषयों को लेकर विशेषज्ञों से संवाद भी किया।
विद्यार्थियों और विशेषज्ञों को मिला साझा मंच
तीन दिवसीय समिट में विद्यार्थियों, वास्तु विशेषज्ञों और वास्तु विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों को एक मंच पर आने का अवसर मिला। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। आयोजकों के अनुसार, ASPIRE-2026 का उद्देश्य वास्तु विज्ञान से जुड़ी जानकारी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान कराना रहा।
ज्ञान और अनुभव साझा करने के साथ हुआ समापन
तीन दिनों तक चले इस आयोजन के समापन पर प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक और उपयोगी अनुभव बताया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तु विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को समझने और विशेषज्ञों से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।





















