बाराबंकी। आशा बहू स्वास्थ्य समिति उत्तर प्रदेश की बाराबंकी इकाई की मासिक बैठक सोमवार को देवा रोड स्थित गांधी भवन में हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति की जिलाध्यक्ष सुनीता देवी ने की। इसमें जिले के अलग-अलग ब्लॉकों से पहुंचीं आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने भुगतान समेत कई समस्याएं उठाईं। जिलाध्यक्ष सुनीता देवी ने आरोप लगाया कि कई बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद आशाओं का भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। इससे आशाओं में नाराजगी है और उनके काम पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 23 अगस्त को प्रस्तावित आशा सम्मेलन का आयोजन नहीं कराया गया, जबकि रक्षाबंधन से पहले भुगतान किए जाने के संबंध में लिखित आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद भुगतान समय पर नहीं किया गया।
आयुष्मान कार्ड और लंबित भुगतान का मुद्दा उठा
बैठक में जिले की बड़ी संख्या में आशाओं के नाम आयुष्मान संबंधी कार्यों की सूची में दर्ज नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया। आशाओं और आशा संगिनियों ने अपने परिवार के सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनवाने की मांग रखी। इसके अलावा आभा आईडी के लंबित भुगतान और करीब दो वर्षों से आयुष्मान कार्ड बनाने के एवज में मिलने वाली राशि का भुगतान नहीं होने की बात भी उठाई गई। समिति के सदस्यों का आरोप है कि किसी भी ब्लॉक में भुगतान संबंधी शीट ब्लैक बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं की जाती। आशा क्लस्टर की बैठकों में भी भुगतान की स्थिति के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती।
CMO को सौंपा छह सूत्रीय मांगपत्र
बैठक के बाद समिति की ओर से मुख्य चिकित्साधिकारी को छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। इसमें 23 अगस्त का आशा सम्मेलन जिला स्तर पर आयोजित कराने, जिन आशाओं और आशा संगिनियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं उनके साथ परिवार के सदस्यों के कार्ड बनवाने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भुगतान के नाम पर कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई। समिति ने यह भी मांग की कि प्रत्येक माह 3 से 5 तारीख के बीच आशाओं का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सभी पुराने लंबित भुगतानों का जल्द निस्तारण करने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाटा बरौली में जून 2026 से लंबित भुगतान भी कराने की मांग रखी गई।
15 सितंबर तक समाधान नहीं तो आंदोलन
आशा बहू स्वास्थ्य समिति ने चेतावनी दी कि यदि 15 सितंबर 2026 तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आशा बहुएं धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगी। समिति ने इसकी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्साधिकारी, बाराबंकी की होने की बात कही।





















