खामियों पर जताई नाराजगी; दिए सुधार के निर्देश
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बाराबंकी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रामसनेहीघाट का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, ऑपरेशन थिएटर (ओटी), प्रसूति कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। कई कमियां मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल में भर्ती प्रसूता महिलाओं से सीधे बातचीत कर भोजन की उपलब्धता और प्रसव के दौरान किसी प्रकार की अवैध वसूली के बारे में जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से भोजन मिल रहा है और प्रसव के लिए किसी भी प्रकार की धनराशि नहीं ली गई।
सीएमओ ने पाया कि अस्पताल परिसर में संचालित प्रेरणा कैंटीन लंबे समय से बंद है। उन्होंने इसे जल्द से जल्द दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने चिकित्सकों को निर्देशित किया कि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है, जिसे दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
सीएमओ ने कहा कि रामसनेहीघाट क्षेत्र लखनऊ, अयोध्या और बाराबंकी की सीमा पर स्थित होने के कारण दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। ऐसे में यहां बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की टूटी हुई बाउंड्री वॉल की मरम्मत कराने तथा परिसर में पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने के भी निर्देश दिए।







