सीमाओं पर जवानों की सुरक्षा में होगा मददगार
गोरखपुर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आईटीएम गीडा के छात्रों ने भारतीय जवानों की सुरक्षा और संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से एक अभिनव सोलर वॉकी-टॉकी हेलमेट तैयार किया है। यह हेलमेट सोलर ऊर्जा से संचालित होने के साथ रेडियो सिग्नल आधारित वीडियो और ऑडियो कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवान आपस में संपर्क बनाए रख सकते हैं।
इस हेलमेट का निर्माण आईटीएम के बी.टेक. एवं बीसीए अंतिम वर्ष के छात्र सौभाग्य श्रीवास्तव और सार्थक गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया है। छात्रों के अनुसार, हेलमेट में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एसओएस (SOS) मॉड्यूल भी लगाया गया है, जिससे किसी जवान के घायल होने या संकट की स्थिति में मेडिकल कंट्रोल रूम तक तुरंत सूचना भेजी जा सकती है।
हेलमेट में 6 वोल्ट की मिनी सोलर प्लेट लगाई गई है, जो इसकी बैटरी को चार्ज करती रहती है। इसके अलावा इसमें 2 इंच का मिनी डिस्प्ले, कैमरा, रेडियो ट्रांसमीटर और रेडियो रिसीवर लगाए गए हैं। कंट्रोल यूनिट से लगभग एक किलोमीटर की दूरी तक कैमरे के जरिए आसपास की गतिविधियों की निगरानी की जा सकती है। साथ ही जवान रेडियो सिग्नल के माध्यम से वीडियो और ऑडियो कम्युनिकेशन भी कर सकते हैं।
छात्रों ने बताया कि हेलमेट का कुल वजन लगभग 800 ग्राम है। इसे तैयार करने में करीब 20 दिन लगे, जबकि इसकी निर्माण लागत लगभग ₹80 हजार आई।
संस्थान के निदेशक डॉ. एन. के. सिंह ने छात्रों के इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारतीय सेना को समर्पित है और इसे संस्थान के इनोवेशन सेल की ओर से पेटेंट के लिए भेजा जाएगा।
छात्र सौभाग्य श्रीवास्तव ने बताया कि हेलमेट के निर्माण में 6 वोल्ट मिनी सोलर प्लेट, 3.7 वोल्ट बैटरी, एसओएस मॉड्यूल, मिनी डिस्प्ले, कैमरा, रेडियो ट्रांसमीटर और रेडियो रिसीवर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया है।







