बाराबंकी। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.170 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर बताया गया है। जिले की तीन तहसीलों के 19 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। स्थिति पर नजर रखने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए जिला और तहसील स्तर पर 24 घंटे बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए 18 राहत शिविर तैयार किए हैं, जिनमें फिलहाल एक शिविर संचालित है। आपात स्थिति से निपटने के लिए 75 गोताखोर, 243 नावें, 434 नाविक और 691 लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नाव और मोटरबोट की व्यवस्था भी की जाएगी। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में 22 चिकित्सा टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 11 टीमें मौके पर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं।
रामसनेहीघाट में 2 हजार राहत किट वितरित
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तहसील रामसनेहीघाट के सेमरी, बसंतपुर, सिकरी जीवल (आंशिक), उमरहरा और अतरसुइया गांवों में राज्य मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने 2,000 राहत किट वितरित कीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पात्र परिवार तक समय से राहत सामग्री पहुंचे और कोई भी प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे। प्रशासन के अनुसार अब तक जिले में कुल 5,180 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं।
स्वास्थ्य और जरूरी सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन की टीमें सक्रिय हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 3,860 लोगों का उपचार किया जा चुका है। मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए 195 गांवों में लार्वीसाइडल का छिड़काव कराया गया है। पशुपालन विभाग की टीमों ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर 393 पशुओं का उपचार किया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जा रही है, जबकि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ऊंचे प्लेटफॉर्म वाले हैंडपंप और राजकीय नलकूपों की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति की निगरानी करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक समयबद्ध राहत और सहायता पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाढ़ से जुड़ी किसी भी सूचना या सहायता के लिए जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर 05248-226017 और टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।





















