₹48.79 करोड़ से होगा भव्य कायाकल्प
काशी की तर्ज पर विकसित होगा महाभारतकालीन आस्था केंद्र, अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा होगा मेगा प्रोजेक्ट
विनोद कुमार सिंह ‘अंशु’ | अमृत उजाला न्यूज़ | बाराबंकी
बाराबंकी जिले का प्राचीन लोधेश्वर महादेव मंदिर अब आधुनिक सुविधाओं से लैस एक हाईटेक धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग की लगभग ₹48.79 करोड़ की समेकित पर्यटन विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर का व्यापक कायाकल्प तेजी से किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी और यह स्थल काशी की तर्ज पर विकसित प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में नई पहचान बनाएगा।
हाईटेक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स होगा तैयार
परियोजना के तहत मंदिर परिसर में आधुनिक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। यहां प्रवेश द्वार, कवर्ड कॉरिडोर, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी और लैंडस्केपिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लगभग 12,980 वर्गमीटर क्षेत्र में यह विकास कार्य कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस द्वारा कराया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत पांच भव्य प्रवेश द्वार, 652 रनिंग मीटर लंबा और 3.25 मीटर चौड़ा कवर्ड कॉरिडोर, 412 वर्गमीटर का क्लॉक रूम, पुरुषों एवं महिलाओं के लिए 26-26 शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए चार विशेष शौचालय, सिक्योरिटी स्टाफ हॉल, नौ दुकानें, पेंट्री, मेडिकल सेंटर, कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित दर्शन का अनुभव मिलेगा।
अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा होगा निर्माण
सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने बताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। वर्तमान में मुख्य भवन की फाउंडेशन और पाइलिंग का कार्य जारी है। परियोजना को अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप लोधेश्वर महादेव मंदिर को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा। जिला प्रशासन निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कर रहा है ताकि परियोजना निर्धारित समय और गुणवत्ता के साथ पूरी हो सके।
महाभारत काल से जुड़ी है लोधेश्वर धाम की मान्यता
बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील के महादेवा गांव में घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर प्रदेश के प्रमुख शिवधामों में से एक है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग भारत के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने यहां महायज्ञ किया था, जिसका प्रमाण आज भी मौजूद पांडव कूप माना जाता है। कहा जाता है कि लोधरम नामक ब्राह्मण को भगवान शिव ने स्वप्न में दर्शन देकर इस शिवलिंग का स्थान बताया था। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।







