Nitin Nabin BJP Team: भारतीय जनता पार्टी के संगठन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपनी नई टीम को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे चुके हैं और माना जा रहा है कि सोमवार को राष्ट्रीय पदाधिकारियों के नामों की घोषणा हो सकती है। नितिन नवीन के जनवरी में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही नई टीम के गठन का इंतजार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नई टीम में युवा चेहरों के साथ अनुभवी नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ सामाजिक और जातीय समीकरण को भी ध्यान में रखकर संगठन को नया स्वरूप देने की तैयारी में है। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इन नियुक्तियों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों में महिलाओं की अहम हिस्सेदारी
बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे के तहत राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम 13 उपाध्यक्ष, 9 महामंत्री और 15 सचिव बनाए जा सकते हैं। इनमें संगठन महामंत्री भी शामिल होगा। इसके अलावा एक राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की नियुक्ति भी होनी है। पार्टी के संविधान में हुए संशोधन के बाद राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पदों में महिलाओं की भागीदारी को भी सुनिश्चित किया गया है। नियम के अनुसार कुल 38 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में कम से कम एक-तिहाई यानी 13 पद महिलाओं के हिस्से में जाना जरूरी है। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से भी न्यूनतम प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। दोनों वर्गों से कम से कम तीन-तीन पदाधिकारी होने का प्रावधान है।
बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड में भी हो सकता है बदलाव
राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा के साथ पार्टी के सबसे अहम फैसले लेने वाले मंच बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड का गठन भी किया जाएगा। पार्टी के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष सहित इसमें अधिकतम 11 सदस्य हो सकते हैं, हालांकि फिलहाल इसकी संख्या 12 है। ऐसे में नए संगठनात्मक ढांचे के साथ बोर्ड में भी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। पार्लियामेंट्री बोर्ड के गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। इसके बाद केंद्रीय चुनाव समिति का भी नया स्वरूप सामने आ सकता है। इस समिति में पार्लियामेंट्री बोर्ड के सभी सदस्यों के अलावा कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया जाता है। फिलहाल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और महिला मोर्चा की अध्यक्ष वी. श्रीनिवासन केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्यों में शामिल हैं।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 120 तक सदस्य
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भी नए सिरे से गठन होना है। पार्टी की यह महत्वपूर्ण संस्था संगठन से जुड़े कई अहम फैसलों में भूमिका निभाती है। नियमों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिलाकर इसमें अधिकतम 120 सदस्य हो सकते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाए रखने के लिए आरक्षित वर्गों और महिलाओं को पर्याप्त जगह देने का प्रावधान है। इसमें कम से कम 40 महिलाएं और एससी-एसटी समुदाय से 12 सदस्य होना जरूरी है। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी जरूरत के मुताबिक विशेष आमंत्रित और स्थायी आमंत्रित सदस्यों को भी शामिल कर सकते हैं।
राष्ट्रीय परिषद में भी होगा गठन
राष्ट्रीय परिषद का गठन भी संगठन की इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा होगा। इसमें राज्य परिषदों से चुने गए प्रतिनिधि, संसदीय दल के निर्धारित सदस्य, बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषदों में पार्टी के नेता, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और राष्ट्रीय मोर्चों के अध्यक्ष शामिल होते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिकतम 20 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं।
युवा और अनुभवी चेहरों का बनेगा संतुलन
नई टीम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि बीजेपी इस बार संगठन में युवा नेताओं और अनुभवी चेहरों के बीच किस तरह संतुलन बनाती है। माना जा रहा है कि अलग-अलग राज्यों के राजनीतिक समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर नाम तय किए गए हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी की नई टीम की भूमिका काफी अहम होगी। ऐसे में राष्ट्रीय पदाधिकारियों से लेकर पार्लियामेंट्री बोर्ड और राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक होने वाले बदलाव पर पार्टी नेताओं और राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।






















