अमृत उजाला
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री Prahlad Joshi को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ Ministry of Education का Additional Charge सौंपा गया है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में स्वीकार किया गया है जब शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन और राजनीतिक बहस तेज रही। इस्तीफा मंजूर होने के बाद सरकार ने बिना देरी किए शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंप दी।
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पिछले चार दशकों से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और देश के युवाओं की भावनाओं व आकांक्षाओं का मैं हमेशा सम्मान करता रहूंगा।”
इस्तीफे के बाद उनके आवास पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, डॉ. जितेंद्र सिंह सहित भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे।
प्रह्लाद जोशी कौन हैं?
Prahlad Joshi कर्नाटक के धारवाड़ से कई बार सांसद चुने जा चुके भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वर्तमान में उनके पास Food & Public Distribution, Consumer Affairs और New & Renewable Energy मंत्रालय की जिम्मेदारी है। अब उन्हें Education Ministry का Additional Charge भी सौंपा गया है।
जोशी इससे पहले Parliamentary Affairs Minister और Coal & Mines Minister जैसे अहम मंत्रालय भी संभाल चुके हैं। संगठन और संसदीय मामलों में उनके लंबे अनुभव के चलते उन्हें सरकार के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है।
आगे क्या?
फिलहाल प्रह्लाद जोशी अतिरिक्त प्रभार के रूप में शिक्षा मंत्रालय का कामकाज संभालेंगे। सरकार ने अभी स्थायी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। आने वाले दिनों में इस पर फैसला लिया जा सकता है।





















