कल्याणपुर इलाके में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत विनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को कारोबारी के यहां काम करने वाले विशाल गौतम ने अपने साथी राज किशोर के साथ मिलकर अंजाम दिया। रविवार देर शाम दोनों आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़ हुई, जिसमें उनके पैरों में गोली लगी। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पूछताछ में विशाल ने पुलिस को बताया कि कारोबारी की हत्या के पीछे कथित तौर पर उनकी बहू शालू का हाथ था। आरोपी का दावा है कि उसे हत्या के बदले रकम देने का भरोसा दिलाया गया था। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे को अंतिम सत्य नहीं माना है और पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
देर रात घर लौटा परिवार तो सामने आया खौफनाक मंजर
विनीत विनोचा कल्याणपुर के रतन आर्बिट अपार्टमेंट के C-104 फ्लैट में बेटे सुब्रत, बहू शालू और छह साल के पोते के साथ रहते थे। शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे सुब्रत अपनी पत्नी और बेटे के साथ एक पार्टी में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। करीब तड़के तीन बजे जब परिवार वापस लौटा तो फ्लैट का दरवाजा खुला हुआ था। अंदर जाने पर कमरे में विनीत का शव पड़ा मिला। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और काफी खून फैला हुआ था। यह देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सोते समय हमला करने की आशंका
मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। जिस कमरे में विनीत सोते थे, वहीं उनका शव मिला। बेड पर पड़ी चादर और कमरे के फर्श पर खून के निशान पाए गए। पुलिस को कमरे में संघर्ष के संकेत भी मिले हैं। जांच में सामने आया कि हमलावरों ने संभवत: अचानक विनीत पर हमला किया। उन्होंने बचाव की कोशिश की, जिसके चलते कमरे में संघर्ष हुआ। इसके बाद धारदार हथियार से उनकी गर्दन पर हमला किया गया और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी कई वार किए गए। खास बात यह रही कि घर में सामान बिखरा हुआ नहीं मिला और न ही फिलहाल ऐसी कोई स्थिति सामने आई जिससे लगे कि बड़ी मात्रा में सामान या नकदी लूटी गई है। इसी वजह से पुलिस को शुरुआत से ही यह मामला सामान्य लूट की वारदात नहीं लगा।
CCTV फुटेज से जांच को मिली दिशा
पुलिस ने हत्या की सूचना मिलने के बाद अपार्टमेंट के भीतर और आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज में दो संदिग्धों की आवाजाही दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने सोसाइटी के प्रवेश द्वार पर मौजूद रजिस्टर की भी जांच की। अपार्टमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों और नौकरों से पूछताछ शुरू हुई। इसी दौरान विशाल गौतम और राज किशोर के बारे में पुलिस को अहम जानकारी मिली। पुलिस ने दोनों को तलाशना शुरू किया और रविवार शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी योजना किसने बनाई थी, दोनों आरोपी घर तक कैसे पहुंचे और वारदात के पीछे असल वजह क्या थी।
1968 से दवा कारोबार से जुड़ा परिवार
विनीत विनोचा बिरहाना रोड स्थित फार्मा ट्रेडर्स नामक फर्म का संचालन करते थे। वह अपने बेटे के साथ कारोबार संभाल रहे थे। परिवार का दवा कारोबार कई दशकों पुराना है। कानपुर दवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र सैनी के अनुसार, विनोचा परिवार वर्ष 1968 से बिरहाना रोड की दवा मंडी में कारोबार कर रहा है। फार्मा ट्रेडर्स में करीब 22 कर्मचारी काम करते हैं। कर्मचारियों ने विनीत को मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्ति बताया। कर्मचारियों के मुताबिक, वह अपने स्टाफ के साथ अच्छा व्यवहार करते थे और किसी कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती नहीं करते थे। उनकी हत्या की खबर से कारोबारी जगत में भी शोक का माहौल है।
बेटे के शव से लिपटकर रोती रही बुजुर्ग मां
विनीत के शव का अंतिम संस्कार भैरवघाट पर किया गया। बेटे की मौत की खबर और फिर उसका शव सामने देखकर उनकी बुजुर्ग मां चंचल का दर्द छलक पड़ा। वह अपने बेटे को याद कर लगातार रोती रहीं। परिवार के सदस्यों के साथ कारोबारी फर्म के कर्मचारी भी गमगीन नजर आए।
सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हत्या की घटना के बाद रतन आर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में भी नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों ने सोसाइटी के गेट पर विरोध जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। लोगों का आरोप है कि अगर सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो बाहरी लोगों की आवाजाही पर आसानी से नजर रखी जा सकती थी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को हटाने की मांग भी उठाई। फिलहाल पुलिस की जांच हत्या की वजह और पूरी साजिश को समझने पर केंद्रित है। आरोपी विशाल की ओर से बहू पर लगाए गए आरोपों की भी पुलिस स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में और कौन लोग शामिल थे और हत्या के पीछे वास्तव में क्या मकसद था।





















