लखनऊ। उत्तर प्रदेश रोडवेज में परिचालकों यानी कंडक्टरों की कमी को देखते हुए शासन ने भर्ती प्रक्रिया को आसान करने का फैसला लिया है। अब जरूरत के हिसाब से कंडक्टरों की भर्ती सीधे अनुबंध के आधार पर की जा सकेगी। इस फैसले से रोडवेज बसों के संचालन में आ रही कर्मचारियों की कमी को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के मुताबिक, रोडवेज में परिचालकों की कमी लंबे समय से सामने आ रही थी। कर्मचारियों की कमी का असर बसों के संचालन पर भी पड़ता है और कई बार उपलब्ध स्टाफ के सहारे ही व्यवस्था संभालनी पड़ती है। इसी को देखते हुए शासन ने तात्कालिक जरूरत के आधार पर सीधे अनुबंध पत्र के जरिए परिचालकों को रखने की अनुमति दी है।
संयुक्त सचिव राजेंद्र कुमार ने इस संबंध में रोडवेज के प्रबंध निदेशक पीएन सिंह को पत्र जारी किया है। शासन के निर्देश के अनुसार अब परिचालकों की भर्ती के लिए लंबी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जरूरत वाले स्थानों पर अनुबंध के आधार पर सीधे भर्ती की जा सकेगी। यह व्यवस्था पहले महिला परिचालकों को संविदा पर रखने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया की तर्ज पर होगी।
रोडवेज में कंडक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से यात्रियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर जिन रूटों पर स्टाफ की कमी के कारण बस संचालन प्रभावित होता है, वहां व्यवस्था बेहतर हो सकती है। हालांकि भर्ती की प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी विस्तृत जानकारी रोडवेज प्रबंधन की ओर से जारी की जानी बाकी है।





















