अयोध्या से देशव्यापी आंदोलन का शंखनाद
अयोध्या: पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ ने निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है। अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय मूल समिति की बैठक में महासंघ ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के साथ अभद्रता, धमकी और उत्पीड़न की घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो देशभर में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता की निंदा करते हुए कहा गया कि हाल के वर्षों में राजनीतिक कार्यक्रमों, आंदोलनों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान मीडिया कर्मियों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ी हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं।
महासंघ ने निर्णय लिया कि देशभर में विचार गोष्ठियां, जनजागरण अभियान और जिला स्तर पर लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाने, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने और पत्रकारों के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकार सत्ता, समाज और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि सच सामने लाने वाले पत्रकारों को डराने या अपमानित करने का माहौल बनेगा तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि महासंघ पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष जारी रखेगा।
राष्ट्रीय महामंत्री भानु प्रताप सिंह ने कहा कि पत्रकार किसी दल या विचारधारा का नहीं, बल्कि संविधान और समाज के प्रति जवाबदेह होता है। उन्होंने पत्रकारों के खिलाफ अविश्वास का माहौल बनाने की प्रवृत्ति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे रोकने की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेष आमंत्रित सदस्य पंकज सनाढ्य ने कहा कि पत्रकार जनहित में कार्य करता है और उसके साथ अभद्रता लोकतांत्रिक मूल्यों तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अपमान है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
बैठक में संगठन के विस्तार, पत्रकारों की समस्याओं के समाधान, उत्पीड़न के मामलों में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय स्तर पर महासंघ को अधिक सशक्त बनाने से जुड़े कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। देशभर से जुड़े राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लेकर पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।






