आज से बदलेगी राम दरबार की दर्शन व्यवस्था
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान पेटिकाओं से चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब नए चरण में प्रवेश करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) जल्द ही मामले की विस्तृत समीक्षा शुरू करेगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किए जाने के बाद जांच की निगरानी और तकनीकी विश्लेषण पहले से अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सोमवार से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए राम दरबार की नई दर्शन व्यवस्था भी लागू कर दी जाएगी, जिससे दर्शन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित होंगे।
नई एसआईटी करेगी साक्ष्यों की गहन पड़ताल
सरकार ने हाल ही में इस मामले की जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया है। टीम की अध्यक्षता लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस करेंगे, जबकि अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी टीम का हिस्सा हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने से जांच की निगरानी, समन्वय और जवाबदेही और अधिक प्रभावी मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी गठन के बाद जल्द ही पहली समीक्षा बैठक होगी, जिसमें अब तक हुई जांच का मूल्यांकन करते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी। टीम लंबित बिंदुओं की पहचान कर जांच को तेज गति से आगे बढ़ाएगी।
हर साक्ष्य की होगी दोबारा जांच
जांच एजेंसियां अब तक एकत्र किए गए सभी दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों का दोबारा परीक्षण करेंगी। इसमें केस डायरी, धारा 161 बीएनएसएस के तहत दर्ज गवाहों के बयान, पुलिस रिमांड के दौरान जुटाई गई जानकारी, जब्ती मेमो, बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन का डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य शामिल हैं।
यदि जांच के दौरान किसी भी साक्ष्य में विरोधाभास या कोई नई कड़ी सामने आती है तो आरोपियों और गवाहों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की राय और अतिरिक्त डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे ताकि अभियोजन पक्ष का मामला न्यायालय में और मजबूत हो सके।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बनी नई टीम
दान पेटिकाओं से चोरी के मामले में रामजन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज है और इसकी विवेचना पहले से चल रही है। 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जांच को और प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में नई जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद सरकार ने नई एसआईटी का गठन किया।
नई टीम के गठन की प्रतीक्षा में पिछले कुछ दिनों से जांच की गति अपेक्षाकृत धीमी थी, लेकिन अब जांच में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
तकनीकी जांच होगी और मजबूत
डीआईजी और एसएसपी के एसआईटी में शामिल होने से सर्विलांस, साइबर सेल, तकनीकी प्रकोष्ठ और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का आपसी मिलान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। साथ ही समय-समय पर सुपरविजन नोट के माध्यम से जांच की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
आज से बदलेगी राम दरबार की दर्शन व्यवस्था
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से राम दरबार की दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया है। सोमवार से श्रद्धालु पांच अलग-अलग कतारों के माध्यम से राम दरबार के दर्शन करेंगे।
नई व्यवस्था के तहत राम दरबार परिसर में रेलिंग लगाई गई है तथा प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। पहले श्रद्धालु बिना रेलिंग के सीधे राम दरबार तक पहुंच जाते थे, जिससे भीड़ बढ़ने पर अव्यवस्था की स्थिति बन जाती थी।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान
नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम होगी और त्योहारों या विशेष अवसरों पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। मंदिर प्रशासन का मानना है कि अलग-अलग प्रवेश और निकासी मार्ग तथा पांच कतारों की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन का अवसर मिलेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार हो रहे सुधार
बीते 7 जून को दान पेटिकाओं से चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा, पारदर्शिता और व्यवस्थाओं में लगातार सुधार शुरू किए हैं। ऑनलाइन दान पर तत्काल डिजिटल रसीद, ऑफलाइन दान की अनिवार्य रसीद, वित्तीय निगरानी को मजबूत करने के साथ अब दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए भविष्य में भी समय-समय पर आवश्यक सुधार किए जाते रहेंगे।






