काम अधूरा; 40-50 किमी अतिरिक्त सफर को मजबूर लोग
उन्नाव। जनपद में पुल और सड़क निर्माण कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगाए गए डायवर्जन से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद कहीं निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है तो कहीं अभी भी अधूरा पड़ा है। इसके चलते वाहन चालकों को 40 से 50 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि जर्जर मार्गों से गुजरना भी जोखिम भरा बना हुआ है।
20 दिन बाद भी शुरू नहीं हुई बक्सर पुल की मरम्मत
बीघापुर तहसील क्षेत्र में गंगा पर बने बक्सर पुल की मरम्मत के लिए 6 जुलाई को फतेहपुर सीमा पर बैरियर लगाकर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। वर्ष 2009 में बने इस पुल की मरम्मत के लिए ₹45.26 लाख स्वीकृत किए गए हैं। यह पुल उन्नाव और फतेहपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
हालांकि, करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे लोगों को लगभग 40 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासी नीरज सिंह का कहना है कि पुल में गहरे गड्ढे हो गए हैं और सरिया तक दिखाई देने लगी है। ऐसे में पुल से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने बताया कि विभाग ने 15 दिन में कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक काम शुरू भी नहीं हुआ।
डेढ़ माह बाद भी अधूरा पड़ा करोवन मार्ग
उन्नाव-सरोसी मार्ग पर करोवन मोड़ से बाजार तक करीब 2.1 किलोमीटर सड़क के पुनर्निर्माण के लिए ₹4.71 करोड़ की लागत से कार्य कराया जा रहा है। इसके लिए 9 जून को एक माह की अवधि के लिए भारी वाहनों का डायवर्जन लागू किया गया था।
लेकिन डेढ़ माह बीतने के बाद भी सड़क निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे आवागमन और अधिक कठिन हो गया है। वाहन चालकों को करीब 50 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
चिलौली निवासी राजू सिंह सेंगर ने बताया कि एक माह में कार्य पूरा होने की बात कही गई थी, लेकिन अभी भी काम अधूरा है और लगता है कि लोगों को कुछ समय और परेशानी झेलनी पड़ेगी।
बारिश बनी देरी की वजह: पीडब्ल्यूडी
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं। इसी वजह से बक्सर पुल की मरम्मत शुरू नहीं हो सकी, जबकि करोवन मार्ग पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं और अगले 15 दिनों में दोनों परियोजनाएं पूरी कराने का प्रयास किया जाएगा।







