NEET परीक्षा पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि पिछले 10 दिनों में हुए घटनाक्रम से उनका मन बेहद दुखी है। उन्होंने कहा कि वह देश की युवाशक्ति को किसी भी तरह के भ्रम के कुचक्र में नहीं फंसने देना चाहते। इस बड़े फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने धर्मेंद्र प्रधान की जमकर तारीफ की है।
सीएम योगी ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की सराहना की
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनके योगदान की खुलकर तारीफ की है। सीएम योगी ने लिखा कि शिक्षा राष्ट्र के चरित्र का निर्माण करती है और धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में इसी ‘राष्ट्रदृष्टि’ को अपने काम का मुख्य आधार बनाया। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक धर्मेंद्र प्रधान का यही प्रयास रहा कि भारत का हर युवा अवसरों से जुड़े, अपनी प्रतिभा को पहचाने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प में भागीदार बने। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में आगे लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिली। उनके नेतृत्व में शिक्षा को इनोवेशन, स्किल, भारतीय ज्ञान परंपरा, रिसर्च और ग्लोबल कंपटीशन से जोड़ने के निरंतर और सार्थक प्रयास किए गए। सीएम योगी के मुताबिक, इन दूरदर्शी प्रयासों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में नए आत्मविश्वास और नई संभावनाओं का संचार किया है।
आगामी यात्रा के लिए दी शुभकामनाएं
सीएम योगी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारियां और दायित्व बदलते रहते हैं, लेकिन राष्ट्रहित में निष्ठा के साथ किया गया काम हमेशा प्रेरणादायी बना रहता है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के समर्पण और अथक प्रयासों के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धर्मेंद्र प्रधान का अनुभव और ऊर्जा आगे भी देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगी और उन्होंने उनकी आगामी यात्रा के लिए अनंत शुभकामनाएं दीं।







