29 जून को निकलेगी बाइक रैली
एटा। जनपद के जलेसर तहसील में ई-पंजीकरण (ई-रजिस्ट्री) प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। तहसील बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक संघ और स्टाम्प विक्रेताओं का धरना-प्रदर्शन शनिवार को 13वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला बंदी कर तहसील परिसर में धरना देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर सिंह यादव और सचिव द्विजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम 13वां ज्ञापन उपजिलाधिकारी जलेसर के माध्यम से भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश सरकार तहसील स्तर पर होने वाले बैनामा और अन्य पंजीकरण कार्यों को समाप्त कर ग्राम पंचायत स्तर पर ई-पंजीकरण प्रणाली लागू करने तथा निबंधन मित्र नियुक्त करने की तैयारी कर रही है। इससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प विक्रेताओं की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अधिवक्ताओं का कहना है कि वे 15 जून 2026 से लगातार आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। उनका आरोप है कि सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय द्वारा 19 जून को जारी सूचना में भी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर ई-पंजीकरण लागू नहीं किया जाएगा।
बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही ई-पंजीकरण प्रणाली को वापस लेने संबंधी कोई निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। इसी क्रम में आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए 29 जून 2026 को सुबह 10 बजे तहसील परिसर से बाइक रैली निकालने का निर्णय लिया गया है। बार पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।








