हत्या की साजिश की जताई आशंका
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वह ईरान की ‘निशाने की सूची’ में सबसे ऊपर हैं और तेहरान उनकी हत्या की साजिश रच सकता है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वह अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे और ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
तुर्किये के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में ट्रंप ने कहा, “मैं उनका नंबर-1 निशाना हूं। उनके पुराने नेता खत्म हो गए हैं, अब नए नेता हैं। वे भी खत्म हो सकते हैं और मैं भी, क्योंकि मैं उनकी हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हूं।”
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का किया बचाव
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि उसका उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना था। उन्होंने दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि हालिया संघर्ष दोबारा भड़कने की संभावना कम है और यदि भविष्य में कोई टकराव होता भी है तो वह लंबे समय तक नहीं चलेगा।
ईरान के बयान के बाद आई प्रतिक्रिया
ट्रंप का यह बयान ईरान के उप विदेश मंत्री की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान को ट्रंप से “उनकी ही भाषा में” निपटना होगा, क्योंकि वह ताकत की भाषा बेहतर समझते हैं।
ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वर्ष 2020 में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद से ईरान उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चेतावनी
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के सरकारी मीडिया ने एक सूत्र के हवाले से कहा है कि यदि ईरान पर दोबारा सैन्य हमला किया जाता है तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने पर विचार कर सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, ट्रंप के हत्या की साजिश संबंधी दावे पर ईरान की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।








