अभिभावकों को सौंपे गए जन्म प्रमाण पत्र
जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में स्कूल में प्रवेश से वंचित बच्चों को मिला पंजीकरण का रास्ता, डीएम ने खुद वितरित किए प्रमाण पत्र
औरैया। जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष के सामने संचालित ‘डीएम सर की पाठशाला’ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित कीं। इस दौरान जिन बच्चों का स्कूल में जन्म प्रमाण पत्र के अभाव में पंजीकरण नहीं हो पा रहा था, उनके जन्म प्रमाण पत्र जारी कर स्वयं उनके अभिभावकों को सौंपे। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती भी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि उनके सरकारी आवास के निकट नाथ, जोगी, सपेरे और बंजारा समुदाय के साथ-साथ अन्य गरीब परिवारों के बच्चे रहते हैं। इन बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘डीएम सर की पाठशाला’ की शुरुआत की गई। यहां वह स्वयं प्रतिदिन सुबह बच्चों को निःशुल्क पढ़ाते हैं।
उन्होंने बताया कि पाठशाला शुरू होने से पहले अधिकांश बच्चे शिक्षा से दूर थे और पढ़ाई में काफी कमजोर थे। अब नियमित अध्ययन और मार्गदर्शन के कारण उनमें सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। पाठशाला में करीब 50 बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है और उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि कुछ बच्चे पढ़ाई में बेहद मेधावी हैं, जिन्हें बेहतर विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह पूरी पहल टीम वर्क के माध्यम से संचालित की जा रही है।
पाठशाला में बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म, पहचान पत्र (आई-कार्ड), पाठ्य पुस्तकें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा गरीब परिवारों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पट्टों का आवंटन कर कॉलोनी निर्माण का कार्य भी कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य समाज के वंचित और जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना है।







