चंदौली | चहनिया:
बलुआ थाना क्षेत्र के डेरवा खुर्द गांव में शनिवार सुबह सर्पदंश से 13 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, अस्पताल में शव रखे होने के बावजूद घंटों तक पुलिस के नहीं पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
जानकारी के अनुसार, डेरवा खुर्द निवासी मजदूर मुन्ना राम की 13 वर्षीय पुत्री राधिका, जो परिषदीय विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा थी, शनिवार सुबह करीब छह बजे छत से नीचे उतरी थी। इसी दौरान घर के कच्चे फर्श में बने बिल से निकले जहरीले सांप ने उसकी उंगली में डंस लिया।
सर्पदंश के बाद परिजन उसे तत्काल चहनिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सकलडीहा रेफर कर दिया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद राधिका को मृत घोषित कर दिया।
अधूरे आवास पर उठे सवाल
परिजनों ने बताया कि उनका आवास वर्ष 2018 में स्वीकृत हुआ था, लेकिन आज तक उसका फर्श पक्का नहीं कराया गया। कच्चे फर्श में बने बिल में ही जहरीला सांप छिपा हुआ था, जिससे यह हादसा हुआ। राधिका की मां इंदू देवी का निधन वर्ष 2020 में हो चुका था।
पुलिस की देरी पर ग्रामीणों में रोष
घटना के बाद सुबह सात बजे से किशोरी का शव सकलडीहा सीएचसी में रखा रहा, लेकिन सुबह करीब 10 बजे तक बलुआ पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने से परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
इस संबंध में बलुआ थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






