382 भवनों में पढ़ाई को मजबूर होंगे बच्चे
62 विद्यालय पूरी तरह खस्ताहाल, कई जगह छतों से झड़ रहा प्लास्टर, सरिया तक आया बाहर; नए सत्र से पहले सुरक्षा पर उठे सवाल
उन्नाव/हसनगंज। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 25 जून से हो रही है, लेकिन जिले के सैकड़ों नौनिहाल एक बार फिर जर्जर और खस्ताहाल भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर होंगे। तकनीकी समिति की रिपोर्ट में जिले के 382 विद्यालयों के भवन कमजोर पाए गए हैं, जिनमें 62 स्कूल पूरी तरह जर्जर घोषित किए गए हैं। ऐसे में हजारों बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कई विद्यालयों में हालात इतने खराब हैं कि छतों से प्लास्टर झड़ रहा है, दीवारों की दरारों से सरिया बाहर दिखाई दे रही है और भवन किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद इन भवनों में पठन-पाठन की तैयारी की जा रही है। इससे अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, वहीं शिक्षक भी जान जोखिम में डालकर शिक्षण कार्य करने को विवश हैं।
हसनगंज ब्लॉक के रामपुर अखौली, कोड़रा लखौरा कंपोजिट विद्यालय, पिलखना रसीदपुर प्राथमिक विद्यालय समेत कई स्कूल जर्जर स्थिति में हैं। कई विद्यालयों में बिजली और पंखों की व्यवस्था तक नहीं है। भीषण गर्मी के बीच बच्चों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करनी पड़ेगी।
खंड शिक्षा अधिकारी दीपेश कुमार ने बताया कि कायाकल्प योजना के तहत कई विद्यालयों में कार्य कराया गया है। जिन विद्यालयों में अभी मरम्मत या सुधार कार्य शेष हैं, उनके प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
टिनशेड के नीचे दो साल से चल रही पाठशाला
मौरावां। हिलौली ब्लॉक के खैरताली गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में फरवरी 2024 से भवन न होने के कारण टिनशेड के नीचे कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। तेज आंधी और बारिश के दौरान यहां पढ़ने वाले 42 छात्रों और शिक्षकों पर खतरा मंडराता रहता है। विद्यालय में एकमात्र शिक्षक तैनात हैं।
इंचार्ज शिक्षक कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि नए भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा जा चुका है और अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है।
दो साल से पंचायत भवन में चल रहा स्कूल, निरीक्षण में मिला बंद
औरास। औरास ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय अल्दौ का जर्जर भवन दो वर्ष पूर्व ध्वस्त कर दिया गया था। तब से विद्यालय पंचायत भवन में संचालित किया जा रहा है। मंगलवार को सुबह 11:39 बजे विद्यालय बंद मिला। विद्यालय में प्रधान शिक्षक श्रवण कुमार समेत तीन शिक्षकों की तैनाती है और यहां 72 छात्र पंजीकृत हैं।
ब्लॉक के उरामयखेड़ा, मिर्जापुर अजिगांव समेत कई विद्यालय ऐसे हैं, जहां अब तक बिजली कनेक्शन तक उपलब्ध नहीं हैं। खंड शिक्षा अधिकारी संजय शुक्ला ने बताया कि ब्लॉक के 16 विद्यालय जर्जर स्थिति में हैं और इनके पुनर्निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इसी प्रकार बिछिया ब्लॉक का पड़रीकला कंपोजिट विद्यालय भी मंगलवार को सुबह 11:15 बजे बंद मिला।
वर्जन
“इस शैक्षिक सत्र के लिए तकनीकी टीम ने जिले के 382 विद्यालयों को जर्जर श्रेणी में रखा है। इनमें 62 भवन पूरी तरह जर्जर हैं। उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जेम पोर्टल के माध्यम से कराई जा रही है। अन्य भवनों के संबंध में तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
— शैलेष कुमार पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी, उन्नाव








