सोमवार की बैठक पर टिकी अभ्यर्थियों की उम्मीदें, समाधान न होने पर मंगलवार से महा आंदोलन की चेतावनी
प्रयागराज। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी के लगभग 24 हजार रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के तहत विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन फिलहाल रविवार तक स्थगित कर दिया गया है। धरना प्रभारी को सोमवार को जिलाधिकारी, अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद तथा सिटी मजिस्ट्रेट प्रयागराज के साथ प्रतियोगी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित बैठक एवं समाधान के आश्वासन के बाद यह निर्णय लिया गया।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि सोमवार को प्रस्तावित बैठक लाखों प्रतियोगी युवाओं के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि बैठक में पुरानी नियमावली के आधार पर विज्ञापन जारी करने पर सहमति बनती है तो आंदोलन की आगामी रणनीति पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। वहीं, यदि अभ्यर्थियों की मांगों की अनदेखी की गई तो मंगलवार से पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस, प्रयागराज स्थित धरना स्थल पर व्यापक महा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान करना होना चाहिए। वर्षों से पुरानी नियमावली के अनुसार तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बीच प्रक्रिया में नियमों में बदलाव करना उनके परिश्रम और अपेक्षाओं के साथ अन्याय है।
युवा मंच ने मांग की है कि टीजीटी-पीजीटी के रिक्त लगभग 24 हजार पदों पर विज्ञापन पुरानी नियमावली के तहत जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। साथ ही बिना बीएड अभ्यर्थियों को भी अवसर प्रदान किया जाए तथा प्राविधिक कला, अंग्रेजी, हिन्दी, संगीत एवं शारीरिक शिक्षा विषयों की पात्रता पुरानी नियमावली के अनुरूप ही स्वीकार की जाए। संगठन का कहना है कि अन्यथा बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित हो जाएंगे, जो समान अवसर और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत होगा।
अनिल सिंह ने कहा कि युवा मंच का आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रतियोगी युवाओं के अधिकारों, समान अवसर और न्यायपूर्ण भर्ती प्रक्रिया की रक्षा के लिए संचालित किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन अभ्यर्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक और न्यायसंगत निर्णय लेगा।
इस अवसर पर प्रभाकर सिंह परिहार, अशोक कुमार पटेल, कुमार कौशल, अमित पांडेय, अखिलेश वर्मा, एल.के. चौधरी, के.डी. शर्मा, सुशोभित चौरसिया, योगेंद्र पाल, रोहित शाक्य, संजीव कुमार वर्मा, सरजू कुमार सोनी, रिंकी चौहान, रीता केशरवानी, ममता पटेल, अनी यादव, आरती सिंह, प्रियंका मिश्रा, अंजू मिश्रा, तोशी वर्मा, नीलम यादव, अश्वनी कुमार, मोहम्मद आसिफ, विनोद कुमार, राम नरेश, राजकुमार यादव, भानु प्रताप शुक्ला, विपिन पाल एवं संगम वर्मा सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उपस्थित रहे।








