परिजनों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
रायबरेली। गुरुबक्सगंज थाना क्षेत्र में मारपीट की एक घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए एक निर्दोष युवक को चोरी के आरोप में जेल भेज दिया, जबकि घायल युवक का कहना है कि उस पर पुरानी रंजिश के चलते हमला किया गया था।
जानकारी के अनुसार, नरपतगंज चौकी क्षेत्र के गुमदापुर मजरे भीरा गोविंदपुर निवासी तानसेन सिंह अपने भांजे धीरज कुमार के साथ चिलौला गांव के पास खेत में पानी लगाने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने दोनों पर हमला कर दिया। मारपीट में तानसेन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि धीरज किसी तरह अपनी जान बचाकर निकलने में सफल रहा। घायल तानसेन सिंह का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस का कहना है कि तानसेन सिंह अपने भांजे के साथ चोरी की नीयत से गया था, जहां ग्रामीणों ने उन्हें पकड़कर पीट दिया। वहीं तानसेन सिंह का कहना है कि घटना पुरानी रंजिश का परिणाम है और चोरी की बात निराधार है।
परिजनों का आरोप है कि हमलावर विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उनका कहना है कि यदि चोरी की घटना हुई थी तो आरोपितों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी, न कि कानून हाथ में लेकर मारपीट करनी चाहिए थी।
मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने धीरज कुमार को चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिजनों का कहना है कि धीरज के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है और उसे केवल उसके मामा के आपराधिक इतिहास के आधार पर फंसाया गया है।
मामले में पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं लालगंज क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
घायल की मां ने की निष्पक्ष जांच की मांग
घायल तानसेन सिंह की मां सारदा देवी पत्नी महारथी ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सारदा देवी का कहना है कि 25 जून 2026 को उनका बेटा तानसेन सिंह और नाती धीरज खेत में पानी लगा रहे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और तानसेन सिंह को अधमरा छोड़कर फरार हो गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने घटना की निष्पक्ष जांच किए बिना धीरज को जेल भेज दिया।
पिता ने लगाए धमकी देने के आरोप
घायल तानसेन सिंह के पिता ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान कुछ लोग सादे कपड़ों में पहुंचे। उन्होंने स्वयं को एसओजी प्रभारी बताया, परिजनों के मोबाइल नंबर नोट किए और कथित रूप से धमकी दी।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें कहा गया कि तानसेन सिंह के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगी। तानसेन सिंह के पिता का यह भी कहना है कि उनके परिवार पर दर्ज कई मुकदमे पूर्व में नरपतगंज चौकी पर तैनात एक चौकी प्रभारी के कार्यकाल के दौरान दर्ज हुए थे, जिनके संबंध में मामला न्यायालय में विचाराधीन है।








