उन्नाव: बीघापुर क्षेत्र में कूटरचित अभिलेखों के जरिए जमीन का अवैध हस्तांतरण कराने के मामले में पुलिस ने एक लेखपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान की गई।
मामले के अनुसार, राजापुर पिपरहा गांव निवासी अनुसूचित जाति की प्रमिला ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उन्होंने 10 फरवरी 2020 को अपनी 0.1930 हेक्टेयर भूमि बरदहा गांव निवासी अनीता के नाम बेची थी। आरोप है कि तहसील बीघापुर में कार्यरत मुंशी शीतल ने कागजी कार्रवाई के लिए उनकी मुलाकात अधिवक्ता शिवकुमार वर्मा से कराई और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई।
प्रमिला का आरोप है कि बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर पता चला कि लेखपाल रामकुंवर ने प्रशासन से आवश्यक अनुमति लिए बिना धोखाधड़ी कर जमीन का नामांतरण अनीता के नाम दर्ज करा दिया। साथ ही दूसरे गाटा संख्या की भूमि का भी कथित रूप से फर्जी तरीके से हस्तांतरण करवा दिया गया।
न्यायालय के आदेश पर बारासगवर थाना पुलिस ने लेखपाल रामकुंवर, अधिवक्ता शिवकुमार वर्मा और मुंशी शीतल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
थानाध्यक्ष धर्मेंद्रनाथ मिश्रा ने बताया कि कूटरचित अभिलेख तैयार करने और फर्जीवाड़े के मामले में आरोपी लेखपाल रामकुंवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस मामले में नामजद अधिवक्ता शिवकुमार वर्मा और मुंशी शीतल को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।








