कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे: सिर्फ नई सड़कें नहीं, टिकाऊ सड़कें भी चाहिए

Ankit Awasthi
Ankit Awasthi
कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे: सिर्फ नई सड़कें नहीं, टिकाऊ सड़कें भी चाहिए

उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। कानपुर और लखनऊ के बीच बेहतर संपर्क की दिशा में शुरू हुआ कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे दो प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक शहरों के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल यात्रा का समय कम करेगी, बल्कि औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को भी नई गति देने की क्षमता रखती है। उत्तर प्रदेश पहले ही पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजनाओं के माध्यम से देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।

यह तस्वीर भारत की बदलती सड़क व्यवस्था की सकारात्मक कहानी कहती है। लेकिन इसी कहानी का दूसरा पक्ष भी है, जिस पर उतनी गंभीरता से चर्चा नहीं होती। प्रश्न यह है कि क्या हम केवल नई सड़कें बना रहे हैं, या ऐसी सड़कें भी बना रहे हैं जो वर्षों तक टिक सकें?

सड़क निर्माण में तेज़ी, लेकिन रखरखाव अब भी कमजोर कड़ी

पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के निर्माण पर अभूतपूर्व निवेश किया है। इससे यातायात, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को निश्चित रूप से लाभ मिला है। लेकिन जैसे ही कोई नागरिक शहरों, कस्बों या ग्रामीण क्षेत्रों की ओर बढ़ता है, तस्वीर बदलने लगती है।

बरसात शुरू होते ही अनेक सड़कें गड्ढों में बदल जाती हैं। कहीं डामर उखड़ जाता है, कहीं पानी भर जाता है, तो कहीं कुछ ही महीनों पहले बनी सड़कें टूटने लगती हैं। यह केवल असुविधा का विषय नहीं है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं, आर्थिक नुकसान और समय की बर्बादी का भी कारण बनता है।

सवाल सड़क बनाने का नहीं, उसे बनाए रखने का है।

आखिर समस्या कहाँ है?

भारत में सड़क निर्माण की चुनौती केवल इंजीनियरिंग नहीं, बल्कि प्रशासनिक और संस्थागत भी है।

पहली समस्या गुणवत्ता नियंत्रण की है। कई परियोजनाओं में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, मोटाई और तकनीकी मानकों का पालन हर स्तर पर समान रूप से नहीं हो पाता।

दूसरी समस्या ड्रेनेज सिस्टम की है। सड़क चाहे कितनी भी मजबूत क्यों न हो, यदि उसके किनारे पानी निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं है तो लगातार जलभराव उसकी उम्र कम कर देता है।

तीसरी चुनौती रखरखाव की संस्कृति का अभाव है। भारत में अक्सर सड़क तब सुधारी जाती है जब वह काफी क्षतिग्रस्त हो चुकी होती है। विकसित देशों में इसके विपरीत नियमित निरीक्षण और समय रहते मरम्मत की व्यवस्था होती है।

चौथी समस्या जवाबदेही का बिखराव है। राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, ग्राम पंचायत और पीडब्ल्यूडी—अलग-अलग एजेंसियों के कारण कई बार यह स्पष्ट नहीं होता कि किसी सड़क की जिम्मेदारी किसकी है।

केवल निर्माण नहीं, “लाइफ साइकिल मैनेजमेंट” की जरूरत

भारत को अब सड़क निर्माण के साथ-साथ सड़क जीवनचक्र प्रबंधन (Road Asset Management) की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

इसका अर्थ है कि सड़क बनने के बाद अगले 10 से 20 वर्षों तक उसकी नियमित निगरानी, मरम्मत और प्रदर्शन का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाए। हर सड़क का एक “हेल्थ कार्ड” हो जिसमें उसकी निर्माण तिथि, उपयोग की गई सामग्री, मरम्मत का इतिहास और अगली निरीक्षण तिथि दर्ज हो।

आज जब देश डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है, तब सड़कों का भी डिजिटल प्रबंधन संभव है।

तकनीक से कैसे बदल सकती है तस्वीर?

सड़क रखरखाव को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सकता है।

  • ड्रोन और एआई आधारित निरीक्षण से शुरुआती दरारें समय रहते पकड़ी जा सकती हैं।
  • सेंसर आधारित मॉनिटरिंग से अधिक भार वाले मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकती है।
  • नागरिकों के लिए एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है, जहां सड़क की फोटो अपलोड करते ही संबंधित विभाग को स्वतः सूचना पहुंचे।
  • जियो-टैगिंग के माध्यम से मरम्मत कार्य की प्रगति सार्वजनिक की जा सकती है।

इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और जवाबदेही भी।

ठेकेदारों की जवाबदेही तय करना भी जरूरी

आज अधिकांश सड़क परियोजनाओं में निर्माण पूरा होने के बाद जिम्मेदारी लगभग समाप्त हो जाती है।

इसके बजाय ऐसे अनुबंधों को बढ़ावा देना चाहिए जिनमें निर्माण करने वाली कंपनी को अगले 5 से 10 वर्षों तक सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी दी जाए। यदि तय अवधि से पहले सड़क खराब होती है तो उसकी मरम्मत उसी कंपनी के खर्च पर हो।

दुनिया के कई देशों में Performance-Based Maintenance Contract मॉडल सफल रहा है। भारत में भी इसका व्यापक उपयोग सड़कों की गुणवत्ता सुधार सकता है।

स्थानीय निकायों को भी बनाना होगा मजबूत

राष्ट्रीय राजमार्गों की तुलना में शहरों और कस्बों की सड़कें अधिक खराब दिखाई देती हैं क्योंकि स्थानीय निकायों के पास पर्याप्त संसाधन, तकनीकी क्षमता और नियमित निगरानी व्यवस्था का अभाव रहता है।

नगर निगमों और ग्राम पंचायतों को केवल बजट देना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित इंजीनियर, डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध जवाबदेही भी देनी होगी।

केंद्र सरकार, राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के बीच समन्वित व्यवस्था के बिना स्थायी समाधान संभव नहीं है।

नागरिकों की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं

अवैध खुदाई, भारी ओवरलोड वाहन, जल निकासी मार्गों पर अतिक्रमण और निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी भी सड़कों को नुकसान पहुंचाती है।

यदि नागरिक शिकायत दर्ज करने, निगरानी रखने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी करें तो सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रह सकती है।

अब लक्ष्य “गड्ढा मुक्त भारत” होना चाहिए

भारत ने सड़क निर्माण की गति में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। एक्सप्रेसवे और हाईवे देश की आर्थिक प्रगति की नई पहचान बन रहे हैं। लेकिन यदि इन शानदार परियोजनाओं के साथ शहरों और गांवों की सड़कें हर मानसून में टूटती रहें तो विकास की यह तस्वीर अधूरी रह जाएगी।

हर वर्ष बारिश आते ही सोशल मीडिया और समाचार माध्यम गड्ढों, जलभराव और दुर्घटनाओं की तस्वीरों से भर जाते हैं। यह अब एक मौसमी समस्या नहीं रह गई है, बल्कि शासन व्यवस्था की स्थायी चुनौती बन चुकी है।

अब समय आ गया है कि सड़क निर्माण को उपलब्धि और सड़क रखरखाव को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया जाए। सड़कों को केवल बनाने की नहीं, उन्हें टिकाऊ बनाए रखने की संस्कृति विकसित करनी होगी।

परिवहन मंत्रालय, राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों को मिलकर एक ऐसा राष्ट्रीय रोड मेंटेनेंस मिशन तैयार करना चाहिए, जिसमें निर्माण से अधिक महत्व रखरखाव, गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मिले।

देश ने कच्ची सड़कों से पक्की सड़कों तक का लंबा सफर तय कर लिया है। अब अगला लक्ष्य ऐसा भारत होना चाहिए जहां हर मानसून के बाद सड़कें फिर से बनाने की नौबत न आए। नागरिकों को गड्ढों से नहीं, सुरक्षित और टिकाऊ सड़कों से आजादी मिले—यही विकसित भारत की असली पहचान होगी।

FeedList
Advertisement

ताजा खबरें

Advertisement

Related News

अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले- चुनाव करीब आते ही एक लाख नौकरियों की याद आई

Akhilesh Yadav on Yogi Government: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के एक लाख नौकरियां देने के दावे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना…

By Amrit Ujala

IIT-IIM से पढ़ाई, लंदन की नौकरी और फिर IAS… अब दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, भावुक पोस्ट में बताई वजह

IAS Divya Mittal Resigns: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में…

By Amrit Ujala

सुबह ढाबा खोलने पहुंचे मालिक के उड़े होश, तख्त पर पड़ा मिला मजदूर का शव

लखनऊ: सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक ढाबे के बाहर तख्त पर अधेड़ मजदूर का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे…

By Amrit Ujala

सीएम योगी आज करेंगे बड़ी समीक्षा बैठक, शाम 7 बजे अधिकारियों के साथ होगी अहम चर्चा

CM Yogi Review Meeting: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम 7 बजे लखनऊ में एक अहम समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और प्रशासनिक…

By Amrit Ujala

Akhilesh Yadav Press Conference: अखिलेश यादव की आज प्रेस कॉन्फ्रेंस, कई दलों के नेता सपा में हो सकते हैं शामिल; लखनऊ में हलचल

Akhilesh Yadav Press Conference: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज हलचल देखने को मिल सकती है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित सपा…

By Amrit Ujala

UP Swine Flu: स्वाइन फ्लू को लेकर योगी सरकार अलर्ट, अस्पतालों में तैयारियां बढ़ाने के निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर योगी सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर लगातार नजर…

By Amrit Ujala

राशन कार्ड धारक ध्यान दें! 3 महीने में कराएं सभी सदस्यों की ई-केवाईसी, वरना हो सकती है कार्रवाई

लखनऊ: राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। अब लगातार छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले लाभार्थियों के राशन कार्ड को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जाएगा। निष्क्रिय…

By Amrit Ujala

लखनऊ में शुरू होने जा रही क्रूज सेवा, गोमती नदी से दिखेगा रिवरफ्रंट का खूबसूरत नजारा

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल तेजी से आकार ले रही है। गोमती नदी में जल्द ही पर्यटक लग्जरी क्रूज की सैर…

By Amrit Ujala

लखनऊ: शराब पीने से मना करने पर युवक से मारपीट, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट

लखनऊ: बिजनौर थाना क्षेत्र के परवर पूरब स्थित हिम्मत खेड़ा गांव में शराब पीने से मना करने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी पप्पू रावत ने…

By Amrit Ujala

तेज बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल, सरोजनीनगर थाना और हनुमान मंदिर में घुसा पानी

लखनऊ: बुधवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने सरोजनीनगर क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कानपुर एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान पीएनसी कंपनी की ओर से बनाए गए…

By Amrit Ujala

अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले- चुनाव करीब आते ही एक लाख नौकरियों की याद आई

Akhilesh Yadav on Yogi Government: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के एक लाख नौकरियां देने के दावे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना…

By Amrit Ujala

IIT-IIM से पढ़ाई, लंदन की नौकरी और फिर IAS… अब दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, भावुक पोस्ट में बताई वजह

IAS Divya Mittal Resigns: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में…

By Amrit Ujala

सुबह ढाबा खोलने पहुंचे मालिक के उड़े होश, तख्त पर पड़ा मिला मजदूर का शव

लखनऊ: सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक ढाबे के बाहर तख्त पर अधेड़ मजदूर का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे…

By Amrit Ujala

सीएम योगी आज करेंगे बड़ी समीक्षा बैठक, शाम 7 बजे अधिकारियों के साथ होगी अहम चर्चा

CM Yogi Review Meeting: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम 7 बजे लखनऊ में एक अहम समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों और प्रशासनिक…

By Amrit Ujala

Akhilesh Yadav Press Conference: अखिलेश यादव की आज प्रेस कॉन्फ्रेंस, कई दलों के नेता सपा में हो सकते हैं शामिल; लखनऊ में हलचल

Akhilesh Yadav Press Conference: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज हलचल देखने को मिल सकती है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित सपा…

By Amrit Ujala

UP Swine Flu: स्वाइन फ्लू को लेकर योगी सरकार अलर्ट, अस्पतालों में तैयारियां बढ़ाने के निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर योगी सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर लगातार नजर…

By Amrit Ujala

राशन कार्ड धारक ध्यान दें! 3 महीने में कराएं सभी सदस्यों की ई-केवाईसी, वरना हो सकती है कार्रवाई

लखनऊ: राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। अब लगातार छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले लाभार्थियों के राशन कार्ड को अस्थायी रूप से निष्क्रिय किया जाएगा। निष्क्रिय…

By Amrit Ujala

लखनऊ में शुरू होने जा रही क्रूज सेवा, गोमती नदी से दिखेगा रिवरफ्रंट का खूबसूरत नजारा

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल तेजी से आकार ले रही है। गोमती नदी में जल्द ही पर्यटक लग्जरी क्रूज की सैर…

By Amrit Ujala

लखनऊ: शराब पीने से मना करने पर युवक से मारपीट, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट

लखनऊ: बिजनौर थाना क्षेत्र के परवर पूरब स्थित हिम्मत खेड़ा गांव में शराब पीने से मना करने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव निवासी पप्पू रावत ने…

By Amrit Ujala